Ukraine में हर तरफ दिखाई दे रहा है तबाही का मंज़र, आने वाले दिनों में और हमलावर हो सकता है रूस

इंटरनेशनल डेस्क : यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीएव पर रूसी फौज लगातार हमले कर रही है, जिसमें कई सरकारी भवनों को निशाना बनाया गया है। यह युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा। इसी शहर के नगर परिषद भवन पर क्रूज़ मिसाइल से हमला किए जाने की ख़बरें आ रही हैं।
ऐसी बातें कही जा रही हैं कि आने वाले दिनों में रूस की ओर से आक्रामकता बढ़ सकती है। जिससे दोनों पक्षों को भारी जानमाल की हानि हो सकती है।
इन सबके बीच उत्तरी की से करीब 80 किलोमीटर दूर चेर्निहिव सुखाची बुका शहर की सेटेलाइट इमेज सामने आई है। इन तस्वीरों को हम देखेंगे तो यह साफ समझ आ रहा है कि तबाही का असर किस तरह से होता जा रहा है।

यह इमेज रूसी सेना के निर्माण पर नजर रखने वाली अमेरिका की मैक्सार टेक्नोलॉजीज ने की है। यूनाइटेड नेशंस ने दावा किया है कि यूक्रेन में 1 मार्च से अब तक रूसी हमलों में 752 नागरिक मारे गए हैं। वहीं रूस के 498 सैनिकों की जान चली गई। इस जंग को रोकने की दिशा में अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन समेत तमाम मुल्क रूस और उनके सहयोगियों पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रहे हैं।
इन सभी प्रतिबंधों की वजह से यह सब समझ में आ रहा है कि रूस की मुद्रा में भारी गिरावट हो रही है। लेकिन अब तक ये स्पष्ट नहीं हो रहा है कि ये आर्थिक प्रतिबंध युद्ध रोकने की दिशा में कितने कारगर साबित होंगे।
यूक्रेन पर हमले को लेकर चौतरफा घिरे रूस की मदद के लिए चीन ने गेहूं आयात पर लगे सारे प्रतिबंध हटा दिए हैं। संयुक्त राष्ट्र में भी चीन ने रूसी हमले का विरोध नहीं किया है। इस बीच अब खुलासा हुआ है कि चीन को यूक्रेन पर हमले की पहले से ही जानकारी थी। और उसने फरवरी के शुरुआती महीने में रूसी अधिकारियों से अनुरोध किया था कि विंटर ओलंपिक के खत्म होने तक हमला नहीं करें।
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने बाइडन प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कुछ वरिष्ठ चीनी अधिकारियों को रूस की यूक्रेन पर हमले की योजना या इरादे के बारे में कुछ हद तक पहले से ही जानकारी थी।
एक सूत्र ने रायटर से इस बात की पुष्टि की है लेकिन उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी। सूत्र ने अपनी पहचान बताने से भी इंकार कर दिया। अमेरिका खुफिया एजेंसियों से मिली सूचना को अमरिका और अन्य सहयोगी देशों ने साझा की थी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि चीन के राष्ट्रपति और पुतिन के बीच हमले को लेकर चर्चा हुई थी या नहीं।




