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मध्यप्रदेश में 28 हजार बच्चे रह गए शिक्षा से वंचित, पढ़िए पूरी खबर

मध्यप्रदेश में 28 हजार बच्चे रह गए शिक्षा से वंचित, पढ़िए पूरी खबर

  • RTE के तहत एडमिशन की लॉटरी खुली 
  • एमपी में 2 लाख में से 28 हजार बच्चो के फॉर्म हुए रिजेक्ट
  • कार्यक्रम में तकनीकि समस्या भी आई 

मध्यप्रदेश/भोपाल: मध्य प्रदेश के स्कूलों में राइट टू एजुकेशन एक्ट (आरटीई) यानी शिक्षा के अधिकार कानून के तहत निजी स्कूल में बच्चों को एडमिशन दिए जाने के लिए आज लॉटरी खोली गई। शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने सुबह 9 बजे NIC के सर्वर का बटन दबाकर निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए लॉटरी प्रक्रिया का शुभारंभ किया।

हालांकि कुछ तकनीकि इश्यू होने के कारण लोगो को परेशानी भी हुई।

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में कमज़ोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 % सीटों पर निशुल्क प्रवेश का प्रावधान है। जिसके तहत 2021-2022 में स्कूलों में प्रवेश पाने के लिए 1 लाख 99 हज़ार 741 बच्चो के पालकों ने आवेदन किया था। जिसमें से सत्यापन होने के बाद 1 लाख 72 हज़ार 440 बच्चो को स्कूल में प्रवेश दिया जा रहा है और 28 हज़ार बच्चो के फॉर्म रिजेक्ट हो गए और वे निजी स्कूल में शिक्षा पाने से वंचित रह गए। 

एडमिशन पाने वाले सभी बच्चों को दोपहर 12:00 बजे तक मैसेज के जरिए सूचित किया गया। उसके बाद संबंधित स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

 

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