किसान आंदोलन का सीधा असर पंजाब की "अर्थव्यवस्था" और "देश की सुरक्षा" पर, जल्द निकालेंगे हल:- कप्तान अमरिंदर सिंह

किसान आंदोलन का सीधा असर पंजाब की “अर्थव्यवस्था” और “देश की सुरक्षा” पर, जल्द निकालेंगे हल:- कप्तान अमरिंदर सिंह
नई दिल्ली / गरिमा श्रीवास्तव:- किसानों का आंदोलन जारी है। आज किसानों से सरकार की चौथी चरण की चर्चा हो रही है।कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने आज गृह मंत्री से चर्चा की। चर्चा के बाद उन्होंने कहा कि मैंने गृह मंत्री को पंजाब में अपनी स्थिति दोहराई है और कहा है कि ज़ल्दी इसका कोई हल निकलना चाहिए और पंजाब के किसानों को भी अपील करता हूं कि हम ज़ल्दी इसका हल निकालें क्योंकि इसका पंजाब की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर हो रहा है.
उधर किसानों के साथ बैठक में रेल मंत्री पीयूष गोयल, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश भी मौजूद हैं। मीटिंग से पहले सोम प्रकाश ने कहा था कि बातचीत से ऐसा समाधान निकलने की उम्मीद है, जो किसानों और सरकार को भी मंजूर हो। सरकार कह चुकी है कि MSP की व्यवस्था जारी रहेगी और यह बात लिखित में देने को भी राजी है।
किसानों की नई मांग, तीनों कानून रद्द करे सरकार, बुलाए विशेष संसद सत्र:-
देश में लगातार किसान कानून को लेकर किसानों का प्रदर्शन जारी है आज आंदोलन का आठवां दिन है. किसानों से आज सरकार चौथे चरण की वार्ता करने जा रही है. तीनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का शांतिपूर्ण धरना बुधवार को भी जारी रहा.. चौथे चरण की बातचीत करने से पहले किसानों ने तीनों कानूनों को रद्द करने के लिए केंद्र सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है..
बता दें कि इससे पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और उनके साथ दो और मंत्री किसानों से चर्चा में शामिल हुए थे पर वह किसानों को मना नहीं सके. किसान अपनी ही बातों पर अड़े रहे.
जिसके बाद कल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर दोपहर में इन मंत्रियों ने चर्चा की. और किसानों के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी.
संगठनों ने अब सरकार को खुलेआम धमकी देना शुरू किया है. संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वे अन्य सड़कों को भी बंद करेंगे. इसके साथ ही ट्रांसपोर्टर्स के संगठन ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने किसान आंदोलन के समर्थन में 8 दिसंबर को हड़ताल की घोषणा कर सरकार पर और भी दबाव बढ़ा दिया है.
वहीं मध्य प्रदेश से भी अब प्रदर्शन सामने देखने को मिल रहा है. कल मध्य प्रदेश के किसान भी दिल्ली को रवाना हुए हैं ग्वालियर डबरा भितरवार से करीब 2000 किसान दिल्ली की तरफ कूच कर गए थे.
सिंधु बॉर्डर पर लगातार मोदी विरोधी नारे लग रहे हैं, इसके साथ ही खिलाड़ी और पहलवान भी किसानों के समर्थन में उतरे हैं.
वहीं विपक्ष का कहना है कि एक तो सरकार किसानों पर जुल्म कर रही है और दूसरी तरफ उनका समर्थन करने वाले को हिरासत में लेकर अपनी शोषणकारी नीतियां समाज के सामने प्रदर्शित कर रही है.
आंदोलनकारी किसानों पर वाटर कैनन से पानी छोड़े जाने के विरोध में युवा कांग्रेस में हरियाणा के सीएम आवास का घेराव किया था इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया…
क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल का कहना है कि हम चाहते हैं कि केंद्र तीनों कृषि कानूनों को निरस्त कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाए..
जब तक इन कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जा सकता है हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा…

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