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अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की बुरी हार: ये रही मुख्य वजह

प्रकाशित:
लेखक: thelokniti
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अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारतीय टीम की हार के साथ ही पांचवीं बार विश्व विजेता बनने का सपना टूट गया। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 177 रन बनाए

 

नई दिल्ली: अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारतीय टीम की हार के साथ ही पांचवीं बार विश्व विजेता बनने का सपना टूट गया। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 177 रन बनाए। जवाब में बांग्लादेश ने डकवर्थ-लुइस नियम के आधार पर 3 विकेट से मैच जीत लिया। मैच के अंत में बारिश की वजह से बांग्लादेश को जीत के लिए 170 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे बांग्लादेश ने आसानी से 42.1 ओवर में प्राप्त लक्ष्य को हासिल कर लिया। बांग्लादेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार वर्ल्ड चैंपियन का ख़िताब जीता। भारतीय टीम ने फाइनल में कई ऐसी गलतियां की, जिसकी उम्मीद इस टीम से बिलकुल भी नहीं थी। टूर्नामेंट में पहली बार भारतीय टीम सरे डिपार्टमेंट में विफल रही। चाहे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी या फील्डिंग।

टीम इंडिया की हार की मुख्य वजहों पर नजर डालते हैं-

खराब बल्लेबाजी: यशस्वी जायसवाल ने 88 रन बनाए लेकिन दूसरे बल्लेबाज पूरी तरह से फ्लॉफ़ रहे और अपनी भूमिका नहीं निभा सके। कप्तान प्रियम गर्ग, उप कप्तान ध्रुव जुरेल, दिव्यांश सक्सेना, सिद्धेश वीर खिताबी मुकाबले में कुछ भी ख़ास नहीं कर सके। मिडिल ऑर्डर पूरी तरह से फ्लॉफ़ रहा, कोई भी बल्लेबाज जिम्मेदारी के साथ नहीं खेल सका। तिलक वर्मा ने कुछ देर तक संघर्ष किया पर जब टीम को जरुरत थी तो वो भी पवेलियन लौट गए।

विकेट के बीच तालमेल सही न होना: वर्ल्ड कप में पहली बार ऐसा देखने को मिला कि बल्लेबाजों का विकेट के बीच तालमेल बेहद ही खराब रहा। इसी वजह से टीम इंडिया के दो विकेट रन आउट होने की वजह से गिरे। उप-कप्तान ध्रुव जुरेल और रवि बिश्नोई दोनों ही रन आउट हुए, जिसका खामियाजा टीम इंडिया को भुगतना पड़ा। ध्रुव जुरेल और बिश्नोई दोनों ही अच्छी बल्लेबाजी करते हैं, अगर रन आउट न होते तो शायद रिजल्ट कुछ और होता।

 
गेंदबाजी: विश्वकप में सबसे अच्छी गेंदबाजी यूनिट भारत की मानी जा रही थी और थी भी पर फाइनल में सबसे गन्दी गेंदबाजी का नजारा देखने को मिला। कार्तिक त्यागी, सुशांत मिश्रा, आकाश सिंह, अथर्व अंकोलेकर ने बेहद ही खराब लाइन-लेंग्थ से गेंदबाजी की। कार्तिक त्यागी एक भी विकेट नहीं ले पाए, वहीं सुशांत मिश्रा और आकाश सिंह की लाइन और लेंथ बेहद ही ख़राब रही।

अतिरिक्त रन: भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में बेहद ही ख़राब गेंदबाजी करते हुए 33 रन अतिरिक्त के तौर पर दिए। टीम इंडिया के गेंदबाजों ने 19 वाइड, 2 नो बॉल, 8 बाई और 4 लेग बाई के रन दिए। अगर छोटा स्कोर कोई टीम बचाने की कोशिश करती है तो एक्स्ट्रा पर कंट्रोल करना आवश्यक है। तभी आप मैच जीत सकते हैं।

 

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