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नई दिल्ली: किसान संगठनों ने सरकार का प्रस्ताव ठुकराया, अब और उग्र होगा आंदोलन ! संकट में फंसी केन्द्र सरकार !!

नई दिल्ली: किसान संगठनों ने सरकार का प्रस्ताव ठुकराया, अब और उग्र होगा आंदोलन ! संकट में फंसी केन्द्र सरकार !!
नई दिल्ली/राजकमल पांडे|
सभी सगठनों ने मिलकर केन्द्र सरकार का प्रस्ताव ठुकरा दिया है, और कहा है कि दोबारा अगर कोई प्रापोजल भेजते हैं, तो विचार किया जाएगा. केन्द्र सरकार के संकट दिनों दिन दुगने होते जा रहे हैं. केन्द्र सरकार अपने तीनों नए कृषि कानून को वापस नहीं लेना चाहती और किसान तीनों नए कृषि कानून को वापस कराए बगैर दिल्ली दरबार छोडना नहीं चाहती है.
इस बीच किसानों ने और भी फैसले लिए हैं आईये जानते हैं
किसानों संगठनों ने कहा कि अम्बानी-अडानी के जितने प्रोडेक्ट उन सभी का नेषनल लेबल पर बष्हिकार करेगें फिर चाहे वह माॅल हो, टोलप्लाजा हों आदि। वह किसानों संगठनों ने कहा कि हम लगातार अपना प्रदर्शन जारी रखेगें. और पंजाब, हरियाणा, उप्र, छग. राजस्थान सहित अन्य राज्यों मे अपना प्रदर्शन जारी रखेगें. व 12 तारीख तक जयपुर-दिल्ली हाइवे रोकने का फैसला किसाना ने लिया है और कहा है कि 12 तारीख तक रोक लिया तो ठीक वरना हम 12 तारीख को रोक ही देंगे. व पूरे देश में एक दिन का जिला हेडक्वाटर पर मोर्चा लगेगा 14 दिसम्बर को केन्द्र सरकार को घरेंगे और मोर्चा लगेगा।
अब केन्द्र सरकार के हलक से पानी उतरना बंद हो गया है. बीजेपी के प्रवक्ता और नेताओं ने तो कहा कि इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता अपितुु जिस तरह किसानों का आंदोलन दिनों-दिन उग्र रूप धारण कर रहा है केन्द्र सरकार के लिए फर्क पडने का समय नजदीक आ रहा है. किसान हटने को तैयार नहीं हैं और केन्द्र सरकार बिल वापस करने को तैयार नहीं है. अब देखना यह है कि इसका फैसला केन्द्र करेगी या फिर कोर्ट अपनी हस्ताक्षेप से ही इस मसले को सुलझायेगी.
3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध के बीच केंद्र सरकार ने किसानों को एक लिखित प्रस्‍ताव भेजा था. जिस पर अब किसानों ने अपना जवाब दिया है. किसान संगठनों ने आज शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. किसानों ने साफ तौर पर कहा कि उनकी मांग तीनों कानूनों को रद्द करने की है.

क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा, “हम सरकार के प्रस्तावों को खारिज करते हैं
किसानों ने अब अपना आगे का प्लान बताते हुए कहा कि आंदोलन को और तेज किया जाएगा. किसानों ने कहा कि ये प्रस्ताव पूरे भारत के किसानों का बड़ा अपमान है. बीजेपी सरकार के प्रस्ताव में नया कुछ नहीं है, उल्टा एक दो बातों पर सरकार पीछे हटी है. किसान नेताओं ने बताया-

जयपुर दिल्ली हाईवे को 12 दिसंबर तक रोक दिया जाएगा

  • 12 दिसंबर को पूरे देशभर के टोल प्लाजा होंगे फ्री
  • हमें ये कानून निरस्त करवाना है और एमएसपी पर गारंटी का कानून चाहिए
  • 14 दिसंबर को पूरे देश में धरना प्रदर्शन होगा
  • रिलायंस के खिलाफ भी पूरे देश में प्रोटेस्ट होगा, पोर्ट किए जाएंगे जियो सिम
  • अंबानी और अडानी की हर कंपनी का बायकॉट किया जाएगा
  • बीजेपी नेताओं के ऑफिसों का पूरे देशभर में घेराव किया जाएगा
  • बता दें कि मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह से किसान संगठनों की मुलाकात हुई थी जिसके बाद सरकार ने किसानों को एक प्रस्ताव का सुझाव देने की बात कही थी. जिसके बाद आज सरकार की तरफ से किसानों को 20 पन्ने का एक प्रस्ताव भेजा गया था.

सरकार के दिए प्रस्ताव में क्या?
सरकार की तरफ से किसानों को जो प्रस्ताव दिया गया है उसमें एमएसपी को लेकर उठने वाले संशय का जवाब दिया गया है. सरकार ने एमएसपी को लेकर कहा है

  • नए अधियनियमों में समर्थन मूल्य की व्यवस्था और सरकारी खरीदी में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया है.
  • समर्थन मूल्य के केंद्रों की स्थापना का अधिकार राज्य सरकारों को है और वो इन केंद्रों को मंडियों में स्थापित करने के लिए स्वतंत्र हैं.
  • केंद्र सरकार द्वारा लगातार समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था मजबूत की गई है, जिसका उदाहरण इस साल की रबी और खरीफ की बंपर खरीदी है.

सरकार ने किसान की बिजली सेंशोधन बिन से जुड़ी एक और अहम मांग पर जवाब दिया है. सरकार ने प्रस्ताव में कहा है कि वह बिजली संशोधन बिल 2020 नहीं लाएगी.

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