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मप्र रैगांव उपचुनाव : रूठों को मानाने में BJP ने लगाई पूरी ताकत, रो पड़ी वंदना देवराज बागरी…. 

रैगांव : भितरघात के कारण दमोह में चारों खाने चित्त हो चुकी बीजेपी की आठ तारीख से धड़कन बढ़ी हुई थी, क्योंकि टिकट वितरण से नाराज होकर उसके तीन नेता बागी होकर निर्दलीय पर्चा दाखिल कर गए थे। जिसके कारण समीकरण बिगड़ सकते थे। हालांकि बागियों को समय रहते माना लिया गया। दरअसल, बुधवार को नाम वापस लेने का अंतिम दिन था, यदि समय रहते भाजपा नेताओं दवारा इन्हे मनाया नहीं जाता तो खेल बिगड़ सकता था। बता दे कि रूठों को मनाने की ज़िम्मेदारी पार्टी ने खनिज मंत्री बृजेन्द्र सिंह और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गगनेन्द्र सिंह को सौंपी थी। 

वहीं, अब रैगांव चुनाव मैदान से 3 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए है, नाम वापस लेने वालों में दिवंगत विधायक के बड़े पुत्र पुष्पराज बागरी, छोटी बहू वंदना देवराज बागरी और राकेश कोरी शामिल है। जिसके बाद अब रैगांव का मुकाबला 16 प्रत्याशियों के बीच होगा। जिसमें दो ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल होगा। यानी 30 अक्टूबर को 16 प्रत्याशियों के बीच मतदान होगा, जिसके परिणाम 2 नवंबर को आएंगे। 

नाम वापस लेते समय रो पड़ी वंदना देवराज बागरी 

बताया जा रहा है कि रूठो को मनाने में एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा, सबसे ज्यादा मेहनत स्व विधायक जुगल किशोर बागरी की छोटी बहू वंदना (Vandna Bagri) को मनाने में लगी। नाम वापसी के बिलकुल अंतिम समय में वो भाजपा नेता गगनेन्द्र सिंह के साथ जिला निर्वाचन कार्यलाय पहुंची और भरे मन से अपना नामांकन वापस लिया। इस दौरान उनके आंसू छलक पड़े। 

वंदना देवराज बागरी ने कहा वो नाराज थीं मगर वो नहीं चाहतीं कि उनके ससुर की आत्मा दुखे और मैं पार्टी से बगावत करूं। मेरा पूरा परिवार भाजपा का था है और रहेगा। हम सब भाजपा के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने अंतरात्मा की आवाज के आधार पर पर्चा वापस लिया है, अब मैं पार्टी के लिए काम करूंगी और भाजपा को विजयी बनाने के लिए ताकत लगाउंगी। 
 

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