MP Panchayat Election : अधिकारियों को सौंपी गई ज़िम्मेदारी, अटकलों का दौर तेज़

इंदौर : मध्यप्रदेश में बीते लंबे समय से नगरीय निकाय चुनावों को टाला जा रहा है, लेकिन इसी बीच राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग को जिला पंचायतों के आरक्षण का निर्धारण करने और राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का मार्ग प्रशस्त करने को कहा है। जिसके बाद इस बात की अटकलें तेज़ हो चली है कि दीपावली के तुरंत बाद राज्य निर्वाचन आयोग इन चुनावों की किसी भी दिन घोषणा करेगा और उसके साथ ही चुनाव का पूरा शेड्यूल घोषित हो जाएगा।
वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग से मिले निर्देश के बाद इंदौर में भी पंचायत चुनाव को लेकर तेजी देखी जा रही है। इंदौर कलेक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष सिंह द्वारा अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही नोडल और रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति की गई है।
कलेक्टर मनीष सिंह की जारी आदेश अनुसार NIC की सूचना अधिकारी सुनीता जैन और योजना एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त संचालक पीसी परस्ते को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनका काम मतदान और मतगणना दलों के गठन और कार्मिक प्रबंधन के साथ-साथ निर्देशन संबंधी आवेदन की जांच करना होगा। वही जनपद सदस्य के लिए महू से अक्षत जैन, इंदौर के लिए मुनीष सिंह सिकरवार, सांवेर जनपद के लिए रविश श्रीवास्तव और देपालपुर के लिए रवि कुमार सिंह को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा निर्देशन पत्र के साथ आवेदन की मतदाता सूची की प्रमाणीकरण के लिए डिप्टी कलेक्टर अंशुल खरे, विशाखा देशमुख, तहसीलदार सुदीप मीणा, सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास रामनिवास बुधौलिया आलोक श्रीवास्तव और सहायक प्रबंधक मुनेंद्र सिंह भदोरिया को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इससे पहले पंचायत चुनाव मामले में हाईकोर्ट में दायर एक याचिका की सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान शिवराज सरकार ने पंचायत चुनाव कराने को लेकर जवाब पेश करने के लिए 2 हफ्ते की मोहलत की मांग की थी। सरकार का कहना था कि मामला गंभीर है। जब तक प्रदेश में Corona का खतरा पूरी तरह से टल नहीं जाता, तब तक चुनाव के ऊपर निर्णय लेना उचित नहीं है।
शिवराज सरकार के मोहलत की मांग करने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आगामी सुनवाई तक हर हाल में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जबलपुर हाई कोर्ट द्वारा सरकार को जवाब पेश करने के लिए समय दे दिया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी।
वही, लगातार चुनाव टाले जाने के बाद अब दमोह निवासी याचिकाकर्ता जया ठाकुर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है।
हालांकि, कहा जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने स्तर पर इसकी पूरी तैयारी कर ली है, राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही सभी जिलों के कलेक्टरों को चुनावी तैयारी पूरी करने के लिए कह चुका है।




