MP: कांग्रेस विधायक बैजनाथ कुशवाह पर हत्या का मामला दर्ज, कोर्ट ने किए गिरफ्तारी वारंट जारी

- कांग्रेस विधायक और उसके परिवार पर अपने ही घर की बहु की हत्या का मामला दर्ज
- 2015 में हुई थी हत्या लेकिन कोर्ट ने अब जारी किया गिरफ्तारी वारंट
- विधायक ने कहा झूठा है आरोप हाईकोर्ट में करूँगा अपील
मुरैना/निशा चौकसे:- सबलगढ़ से कांग्रेस विधायक और उनके परिवार पर हत्या करने का मामला सामने आया है. दरअसल, कांग्रेस विधायक बैजनाथ कुशवाह सहित उनके परिवार के सात लोगों पर उनके ही छोटे भाई की पत्नी की हत्या का मामला दर्ज हुआ है. सबलगढ़ न्यायालय के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने फैसला यह फैसला दिया है. बता दें की छह साल पहले जब हत्या हुई थी जब बैजनाथ कुशवाह विधायक नहीं थे. कोर्ट ने 31 अगस्त को फैसला सुनाया है जिसमे विधायक और उनके परिवार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुआ है.
चरित्र संदेह में पीट-पीटकर कर दी हत्या
दरअसल, यह मामला 10 दिसंबर 2015 का है जब विधायक बैजनाथ कुशवाह के छोटे भाई हरीसिंह कुशवाह की पत्नी अंगूरी कुशवाह का शव खेत में मिला था. मृतका अंगूरी के भाई गोरेलाल कुशवाह ने इसे लेकर सबलगढ़ कोर्ट में परिवाद पेश किया. इसमें उसने बताया है कि विधायक के पिता, बड़े भाई, छोटे भाई, मृतका का पति और उसकी बहन ने मृतका की चरित्र संदेह में पीट-पीटकर हत्या कर शव खेत के कुएं में फेंक दिया था. पहले इस मामले में हरीसिंह पर ही मामला दर्ज हुआ था, लेकिन सबलगढ़ कोर्ट के सामने शिकायत की सुनवाई के दौरान जो सबूत सामने आए, उनमें विधायक बैजनाथ कुशवाह सहित परिवार के सात सदस्यों को अंगूरी की हत्या का दोषी माना है। कोर्ट ने इन सातों आरोपितों पर मामला दर्ज करने व गिरफ्तारी वारंट जारी करने का फैसला सुनाया.
बचाव में विधायक के यह दावे
विधायक ने बचाव में कहा कि मैंने या मेरे परिवार के किसी सदस्य ने अंगूरी को हाथ तक नहीं लगाया, उस दिन मैं गांव में ही नहीं था. अंगूरी पाइप बांधते समय कुएं में गिर गई. मोटर के स्टैंड पर फंसने से उसे चोटें आईं, जिससे उसकी मौत हुई. राजनीतिक द्वेष के कारण मृतका के भाई ने झूठा आरोप लगाया है. उसकी शिकायत दो बार पहले कोर्ट में अस्वीकार हो चुकी है. तीसरी बार में कोर्ट ने परीवाद स्वीकार किया और यह फैसला दिया, जो सही नहीं है. मैं इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करूंगा.




