MP : कृषि विभाग की वेबसाइट पर कमलनाथ सरकार की योजना का हो रहा था प्रचार, मची खलबली, जांच के आदेश

मध्यप्रदेश/भोपाल – प्रदेश में कमलनाथ की सत्ता पलटने के बाद से ही किसान कर्ज माफी मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर निशाना साधते रहे हैं। इतना ही नहीं अभी भी कांग्रेस किसानों के समर्थन में है, और किसानों के विरोध में उसके साथ खड़ी हैं। दरअसल, इस समय किसानों का आंदोलन चल रहा हैं। बीते करीब 1 माह से किसान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। वहीं, भाजपा लगातार कांग्रेस पर किसानों को भड़काने का आरोप लगा रहीं हैं।
लेकिन इसी बीच कृषि विभाग की वेबसाइट पर योजना की जानकारी मौजूद रहने पर सियासी घमासान मच गया हैं। बता दे कि भाजपा सरकार के दौरान कृषि विभाग की वेबसाइट पर कमलनाथ सरकार की योजना का प्रचार किया जा रहा था। जब इस पर नज़र पड़ी और हल्ला हुआ तो अब वेबसाइट से वो कंटेंट हटाया गया।
कृषि विभाग की वेबसाइट पर कमलनाथ सरकार के दौरान योजना की जानकारी होने बड़ी चुकी मानी जा रहीं हैं।
हालांकि, कृषि मंत्री कमल पटेल ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। कमल पटेल ने विभाग की वेबसाइट से किसान फसल ऋण माफी योजना की जानकारी हटाने के निर्देश दिए और पूरे मामले के लिए दोषी अफसरों पर कार्रवाई करने के लिए कहा हैं। वहीं, मंत्री कमल पटेल के आदेश के बाद किसान फसल ऋण माफी योजना से जुड़े सभी कंटेंट को हटा दिया गया हैं।
लेकिन सवाल यह है कि इस योजना को लेकर बीजेपी पिछली कमलनाथ सरकार पर निशाना साधती रही हैं। उस योजना को लेकर एक ही विभाग में दो बार चूक सामने आना क्या संकेत देता हैं।
इस स पहले प्रदेश की भाजपा सरकार पिछली कमलनाथ सरकार में 28 लाख किसानों का कर्जा माफ होने की बात को स्वीकार चुकी हैं। उस दौरान भी काफी हंगामा हुआ था। कांग्रेस ने जमकर भाजपा सरकार का घेराव किया था। साथ ही अब सरकार की इस चूक ने एक बार फिर कांग्रेस को हमला बोलने का मौका दे दिया हैं।




