MP : गृहमंत्री ने सब्यसाची के मंगलसूत्र विज्ञापन पर कहा- अगर आप में हिम्मत है, तो किसी दूसरे धर्म पर इस प्रकार का विज्ञापन बनाकर दिखाएं

- सब्यसाची के मंगलसूत्र विज्ञापन पर गृहमंत्री नाराज
- सब्यसाची के खिलाफ FIR की चेतावनी
भोपाल/अंजली कुशवाह: प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी के नए विज्ञापन से नाराज हो गए हैं. उन्होंने मंगलसूत्र विज्ञापन के लिए मुखर्जी को चेतावनी दी है कि अगर यह विज्ञापन अगले 24 घंटे में नहीं हटाया तो एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कहा, अगर आप में हिम्मत है, तो किसी दूसरे धर्म पर इस प्रकार का विज्ञापन बनाकर दिखाएं.
गृहमंत्री मिश्रा ने कहा है कि मैंने डिजाइनर मुखर्जी के मंगलसूत्र का विज्ञापन देखा। जो बेहद आपत्तिजनक है. आभूषणों में सर्वाधिक महत्व धार्मिक दृष्टि से मंगलसूत्र का होता है. हम मानते हैं कि मंगलसूत्र का पीला हिस्सा मां पार्वती हैं और काले हिस्से में भगवान शिव. शिव जी की कृपा से महिला और उसके पति की रक्षा होती है.
मां पार्वती की कृपा से वैवाहिक जीवन सुखमय बना रहता है. उन्होंने कहा कि आप में हिम्मत है, तो किसी दूसरे धर्म पर इस प्रकार का विज्ञापन बनाकर दिखाएं। मुझे इस बात को लेकर बेहद आपत्ति है कि तमाम चेतावनी के बाद भी हिंदू धर्म और उसके प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ की प्रक्रिया जारी है. जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जाने क्या हैं पूरा मामला
बता दें कि सब्यसाची ने चार दिन पहले एक ज्वैलरी कलेक्शन सेट लांच किया था जिसका नाम 'द रॉयल बंगाल टाइगर आइकॉन' रखा गया है. ये पूरा विवाद सब्यसाची के एक मंगलसूत्र विज्ञापन पर है. इस मंगलसूत्र को कंपनी ने 'द रॉयल बंगाल मंगलसूत्र 1.2' नाम दिया है. इस विज्ञापन का फोटो सामने आते ही विवाद खड़ा हो गया. विज्ञापन में एक महिला और पुरुष को दिखाया गया है. जिसमें पुरुष एक माचो मैन है. विज्ञापन में महिला पुरुष के कंधे पर सिर रख कर खड़ी है. महिला ने विज्ञापन में काले रंग की इंटिमेट ड्रेस के साथ एक मंगलसूत्र भी पहना हुआ है. इस विज्ञापन के सोशल मीडिया पर आते ही लोग बोलने लगे कि ये मंगलसूत्र का ऐड कहां से दिख रहा है ? विज्ञापन कर रही महिला का नाम वर्षिता तटावर्ती है. वहीं पुरुष का नाम प्रतेयिक जैन है.
हिंदू संगठनों ने भी किया विरोध
जानकारी के अनुसार सब्यसाची के इस विवादित विज्ञापन के सामने आते ही हिंदू संगठनों में भी गुस्सा देखा जा रहा है. उनका कहना है कि जब भी कोई हिंदू त्योहार आता है, उसी दौरान सभी की क्रिएटिविटी क्यों सामने आती है. संगठनों का कहना है कि ये विज्ञापन हिंदू रीति-रिवाजों पर हमला है. शादी जैसे पवित्र रिश्ते को भी ये कंपनियां खराब और धूमिल करने में जुटी हैं.
फैब्स इंडिया के विज्ञापन पर भी हुआ था बवाल
बता दें कि ये पहला मौका नहीं हैं कि किसी विज्ञापन को लेकर विवाद सामने आया हैं. इससे पहले भी कई बार ऐसे विवादित विज्ञापन बन चुके हैं जिनका विरोध किया गया हैं. इससे पहले, पिछले महीने भी फैब्स इंडिया के भी एक विज्ञापन पर बवाल हुआ था. जिसमें बिग बजार ने दिवाली को जश्न-ए-रिवाज बताया था और काफी बवाल हुआ था.




