"सौभाग्य योजना" में 42 करोड़ का घोटाला, अधिकारी इंजीनियर और ठेकेदारों की बड़ी मिलीभगत, इतने ऑफिसर और इंजीनियर को चार्जशीट

“सौभाग्य योजना” में 42 करोड़ का घोटाला, अधिकारी इंजीनियर और ठेकेदारों की बड़ी मिलीभगत, इतने ऑफिसर और इंजीनियर को चार्जशीट
भोपाल/मध्यप्रदेश- मध्यप्रदेश में आए दिन एक न एक घोटाले उजागर होते हैं अब प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना में 42 करोड़ के घोटाले का मामला सामने आया है.
जिसमें दोषी पाए गए 79 अधिकारी और इंजीनियरों को चार्ज शीट थमा दी गई है.
दोषियों से रिकवरी कराने की तैयारी की जा रही है उसके साथ में उन पर एफ आई आर दर्ज़ कराई जाएगी..
यह बात भी सामने आई है कि अधिकारी इंजीनियर और ठेकेदारों की मिलीभगत से 42 करोड़ का घोटाला किया गया.
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण के तहत मंडला, डिंडोरी, सीधी, सिंगरौली, सागर और सतना में जांच की गई. इस पूरे जांच में पाया गया कि सिर्फ मंडला में ही 25000 से ज्यादा घरों में कनेक्शन नहीं मिले. कागजों में पूर्व क्षेत्रों में 72600 घरों में बिजली पहुंचाने की बात कही गई लेकिन हकीकत कुछ और थी. पूर्व क्षेत्रों के सिर्फ 40 फीसदी घरों को रोशन किया गया.
सौभाग्य योजना में हुए घोटाले को लेकर कांग्रेस ने हाई कोर्ट जाने की बात कही है. हमको को भी श्रद्धालुओं में दिखाया गया है सैकड़ों में रूम को रोशन करने वाली बातें सिर्फ कागजों तक ही सीमित है. लोग अभी भी अंधकार में रह रहे है.
मामले को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि शिव’राज में घोटाले जारी,
—सौभाग्य योजना में 42 करोड़ का घोटाला;
विधायक ख़रीदकर मुख्यमंत्री बने शिवराज की सरकार में घोटालों का हुनर रह-रहकर सामने आता है। ताज़ा मामले में सौभाग्य योजना में 42 करोड़ का घोटाला हुआ है।
हे ! भ्रष्टराज,
महामारी में और कितने घोटाले…
अब देखना होगा इस बड़े घोटाले को लेकर शिवराज सरकार अपनी चुप्पी कब तोड़ती है।




