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मप्र उपचुनाव : इस सीट पर रोचक होगा मुकाबला, 33 साल बाद 2018 में जीती थी कांग्रेस

मध्यप्रदेश/अशोकनगर – मध्यप्रदेश के इतिहास में ये पहला मौका है जब 28 खाली पड़ी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इन 28 सीटों में से एक है सीट अशोकनगर की हैं। जहां से कांग्रेस विधायक रहे जजपाल सिंह जज्जी ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम हैं। उनके भाजपा में जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव होना हैं।

बता दे कि साल 2018 के विधानसभा चुनावों में अशोकनगर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रहे जजपाल सिंह जज्जी ने जीत दर्ज की थी। तब कांग्रेस के जजपाल जज्जी ने बीजेपी उम्मीदवार लड्डूराम कोरी को 9 हजार 730 वोटों से शिकस्त दी थी। लेकिन अब समीकरण बहुत अलग हैं। अब इस सीट से जजपाल सिंह जज्जी भाजपा की और से चुनाव लड़ सकते हैं। जबकि कांग्रेस ने यहां से आशा दोहरे को अपना उम्मीदवार बनाया हैं। 

क्या कहता है इस सीट का इतिहास

अशोकनगर सीट के इतिहास को देखें तो यहां बीजेपी का दबदबा रहा है और कांग्रेस 33 साल बाद 2018 के चुनाव में सीट पर जीत दर्ज कर पाई थी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी मिले थे कम वोट

ज्योतिरादित्य सिंधिया के अगर अशोकनगर सीट पर व्यक्तिगत प्रभाव को देखा जाए तो अशोकनगर सिंधिया के कोर एरिया में हैं। लेकिन यहां सिंधिया का असर परिस्थितियों पर निर्भर रहता हैं। अशोकनगर वह सीट है, जहां लोकसभा चुनाव में खुद सिंधिया को कम वोट मिलते हैं।

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