मोदी-शाह की जोड़ी करवा रही थी मंत्री प्रहलाद पटेल की जासूसी, इसरायली कंपनी ने पेगेसस स्पायवेर मामू सरकार को बेचा : दिग्विजय सिंह

मोदी-शाह की जोड़ी करवा रही थी मंत्री प्रहलाद पटेल की जासूसी, इसरायली कंपनी ने पेगेसस स्पायवेर मामू सरकार को बेचा : दिग्विजय सिंह

मध्यप्रदेश/भोपाल : Pegasus जासूसी कांड के सामने आने के बाद से ही देशभर में बवाल मचा हुआ हैं। आए दिन इस मामले को लेकर कई तरह के खुलासे हो रहे हैं। देश के बड़े विपक्षी नेता और दिग्गजों का सूची में नाम आने से राजनीति गरमा गई हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि जिन लोगों का नाम सामने आ रहा है और जिनकी जासूसी की गई है उस लिस्ट में मोदी कैबिनेट के दो मंत्रियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद सिंह पटेल शामिल हैं। 

जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के सूची में नाम आने से केंद्र के साथ अब मध्य प्रदेश की राजनीति में भी खलबली मच गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रह्लाद सिंह पटेल से जुड़े दर्जन भर से अधिक लोगों को भी सर्विलांस के लिए चुना गया था. इसमें उनके परिवार के सदस्य एडवाइजर, कुक और गार्डनर जैसे निजी स्टाफ भी शामिल थे। 

Pegasus जासूसी कांड को लेकर एक तरफ जहां सत्ताधारी भाजपा विपक्ष पर निशाना साध रहीं है तो वहीं विपक्ष के निशाने पर भाजपा बनी हुई हैं। इसी बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल का नाम इस सूची में आने के बाद तंज कसा हैं। साथ ही इसको लेकर मोदी शाह की जोड़ी पर भी निशाना साधा हैं। 

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा की - केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद पटेल जी की जासूसी केंद्र सरकार की मोदी शाह जोड़ी करवा रही थी। यह बात कुछ समझ में नहीं आई। क्या इसरायली कम्पनी NSO ने पेगेसस स्पायवेर मध्यप्रदेश में भाजपा की मामू सरकार को भी बेचा है?

गौरतलब है कि 10 देशों के मीडिया समूह के कई पत्रकारों ने मिलकर एक खुलासा किया है जिसके तहत यह बात सामने आई है कि इजरायली कंपनी एनएसओ के स्पाईवेयर पेगासस के जरिए दुनिया भर की सरकारों ने नेताओं, मंत्रियों, जजों, पत्रकारों और प्रभावशाली लोगों की जासूसी कराई हैं। फ्रांस की एक संस्था ने इस बारे में जानकारी जुटाई है कि इजरायली जासूसी नेटवर्क का इस्तेमाल भारत में भी किया गया था। भारत के दो केंद्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक मौजूदा न्यायाधीश सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों और अधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से अधिक मोबाइल नंबर हो सकता है कि हैक किए गए हों। यह रिपोर्ट रविवार को सामने आने के बाद हंगामा मचा हुआ हैं।