MP विधानसभा सत्र:- सदन में चेहरा दिखा कर चले जाते हैं कई विधायक, सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू पर सदन में क्यों नहीं?
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MP विधानसभा सत्र:- सदन में चेहरा दिखा कर चले जाते हैं कई विधायक, सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू पर सदन में क्यों नहीं?
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश में इन दिनों विधानसभा सत्र चल रहा है. विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर लगातार गिर रही है. तो सरकार उनके सवालों पर अपना जवाब दे रही है.
पर इस विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों की बड़ी लापरवाही दिखाई दे रही है. विधायक वह चेहरा होता है जिन्हें जनता ने अपना जनप्रतिनिधि चुना होता है. जिनका मुख्य काम होता है कि वह अपने क्षेत्र की परेशानियों से सरकार को रूबरू कराये. जनता के हक और अधिकार पर आवाज बुलंद करें. प्रदेश की विधानसभा में विधायक जाते तो है लेकिन कई विधायक चंद घंटों में सदन छोड़ कर वापस लौट जाते हैं. प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण में विधायकों की उपस्थिति भी सामान्य रहती है. जब लंच ब्रेक होता है उसके बाद सदन देखा जाए तो विधायकों की उपस्थिति काफी कम हो जाती है.
इस तरह से विधायक सदन में पूरे समय मौजूद नहीं रहेंगे तो क्षेत्र की आवाज कौन उठाएगा? जनता से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने कौन रखेगा? पूरे प्रश्नकाल के दौरान जब विधायक चुप रहेंगे तो जनता की आवाज शीर्ष तक कैसे पहुंचेगी?बड़ा सवाल है. पर इन विधायकों को इस सवाल से कोई मतलब नहीं है. सरकार इनकी आराम तलब जिंदगी में खूब खर्चा कर रही है. हालांकि कुछ विधायक ऐसे हैं जो सदन में पूरे समय मौजूद रहते हैं और जनता से जुड़े मुद्दे को उठाते हैं.
सदन में नहीं है बायोमैट्रिक सिस्टम :-
अब धीरे-धीरे सभी सरकारी दफ्तरों में बायोमेट्रिक सिस्टम से उपस्थिति दोबारा से दर्ज कराई जा रही है. पर सदन में बायोमेट्रिक सिस्टम की शुरुआत भी नहीं हुई है. सदन की बैठकों में शामिल होने के पहले विधायकों को उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर करना होता है. उन्हें भी इसी आधार पर मिलते हैं. जानकारों का मानना है कि इसकी जगह बायोमेट्रिक मशीन लाई जा सकती है. जब मंत्रालय और विधानसभा के कार्य ऑनलाइन मोड पर है तो विधायकों की उपस्थिति भी ऑनलाइन की जा सकती है. सरकार के कई दफ्तरों में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज की जा रही है इसमें कार्य के घंटे तक का हिसाब रहता है.
मौजूदगी की बात करें तो करीब 70 % विधायक पूरे समय सदन में मौजूद रहे. बजट सत्र की बैठकों में ऐसे कई मौके आए जब विधायकों की अनुपस्थिति पर सवाल भी खड़े हुए हैं.
नरोत्तम मिश्रा ने तो आसंदी का इस ओर ध्यान दिलाया कि चर्चा के लिए विपक्ष के कई सदस्यों के नाम दिए गए हैं लेकिन इस सदन में वह लोग नजर नहीं आ रहे हैं हालांकि विपक्ष में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉ गोविंद सिंह ने जवाब दिया कि सभी वहीं मौजूद है, यह सारे आरोप निराधार हैं. आज सत्र में नए विधायकों को प्रश्नकाल में सवाल पूछने का मौका दिया जाएगा.
विधायकों की कार्यप्रणाली लगातार सवाल खड़ी कर रही है. जनता जिन पर विश्वास करके अपना प्रतिनिधि सुनती है वह उन्हें धोखा दे रहे हैं. ऐसा लग रहा है जैसे जिन विधायकों ने बिल्कुल चुप्पी साध रखी है वह सिर्फ वेतन भत्ते के लिए आते हैं.. इन विधायकों का चेहरा दिखा कर चले जाना जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं है. जरूरी है कि अगर जनता ने आप पर विश्वास दिखाया है तो उस विश्वास का सम्मान करें




