मध्यप्रदेश के आदिवासी परिवार के चार नाबालिग़ बच्चो की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या 

मध्यप्रदेश के आदिवासी परिवार के चार नाबालिग़ बच्चो की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या 

मध्यप्रदेश के आदिवासी परिवार के चार नाबालिग़ बच्चो की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या 

  • महाराष्ट्र के जलगांव में एक दिल दहला देने वाली घटना आई सामने 
  • एक ही परिवार के चार नाबालिग बच्चों को एक अज्ञात व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से काट डाला
  • मध्य प्रदेश से नौकरी की तलाश में यह परिवार महाराष्ट्र के जलगांव में आया था 


      द लोकनीति डेस्क भोपाल 
भारत के बीमारू राज कहे जाने वाले बिहार,मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी देखने को मिलती है। जहां सबसे ज्यादा मज़दूर अपने गाँव कस्बों को छोड़कर बड़ी दूर रोज़गार की तलाश में जाते है। यदि आप "सरकारें " इस बात को नहीं मानते तो कोरोना काल में सबसे ज्यादा प्रवासी मजदुर आपके प्रदेशो में ही लौटे है। कभी उनकी मदद का दिखावा करने वाले और सोशल मीडिया में तारीफ़ करने वाले मंत्री विधायक को एक बार बिना कैमरा में कैद किये हुए उनका दर्द जाने। वो अपना गाँव कभी नहीं छोड़ना चाहते लेकिन पेट की भूख के ख़ातिर जाते और ऐसे ही शायद कभी लौट नहीं पाते।  अब देखना होगा मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार इस परिवार के लिए कितना न्याय माँगती या इसे भी ठंडे बस्ते में डाल देंगे। 

 
जलगांव. महाराष्ट्र के जलगांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां गुरुवार रात को एक ही परिवार के चार नाबालिग बच्चों को एक अज्ञात व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से काट डाला. बताया जाता है कि बच्चों के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे और यह परिवार मध्य प्रदेश से जलगांव में काम करने के लिए आया था. जलगांव के बोरखेड़ा गांव में मुस्तफा नाम के व्यक्ति के यहां यह परिवार खेती करता था.

घटना से इलाके में तनाव

जलगांव के रावेर तहसील के बोरखेड़ा गांव में हुए इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है. बोरखेड़ा गांव के खेत में सुबह-सुबह मिले इन चार बच्चों के शव से पूरे गांव में गुस्से और शोक का माहौल है.

एमपी से आया था परिवार

मध्य प्रदेश से नौकरी की तलाश में यह परिवार महाराष्ट्र के जलगांव में आया था. महताब और उसकी पत्नी रूमली बाई भिलाला बोरखेड़ा गांव के ही मुस्तफा नाम के व्यक्ति के यहां खेती कर जीवनयापन करते हैं. महताब और उसकी पत्नी मध्य प्रदेश के गढ़ी इलाके के रहने वाले हैं.

आदिवासी समुदाय से है पीडि़त परिवार

यह दंपती अपने चार बच्चों के साथ मिलकर जलगांव में ही खेती किसानी का काम बीते साल भर से कर रहे थे. फिलहाल किसी काम की वजह से पति पत्नी बच्चों को जलगांव में घर पर ही छोड़ कर उनके गांव मध्य प्रदेश गए हुए थे. इस दौरान घर पर बच्चे अकेले थे. मरने वालों में 12 साल की लड़की सईता, 11 साल का रावल, 8 साल का अनिल और 3 साल की सुमन नाम की मासूम बच्ची है. इन चारों बच्चों का शव, मालिक मुस्तफा के खेत में पाया गया है.

कुल्हाड़ी से काटकर हुई हत्या

पुलिस को शुरुआती जांच में यह पता चला है कि इन चारों बच्चों की हत्या कुल्हाड़ी से काटकर की गई है. पुलिस को शक है कि चारों हत्याओं में एक ही कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया. फिलहाल पूरे इलाके को पुलिस ने सील कर दिया है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. यह हत्याकांड शहर से महज एक किलोमीटर की दूरी पर अंजाम दिया गया है.