संतों के आशीर्वाद से बनेगी मध्यप्रदेश सरकार! कांग्रेस का तंज भाजपा का पलटवार

प्रणय शर्मा, भोपाल। मध्यप्रदेश में आगामी चुनाव के साथ साथ सियासी घमासान भी बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते नेता अब जनता के बाद बाबा और संतों के दरबार में पहुंच रहे हैं। पूर्व CM कमलनाथ और वीडी शर्मा के बाद CM शिवराज भी अब संतों के शरण में जा रहे हैं। बता दें कि CM शिवराज आज कुबेरेश्वर धाम जाने वाले थे लेकिन कुछ कारणों के चलते उनका दौरा स्थगित हो गया। अब संतों के दरबार में जाने को लेकर सियासत शुरू हो गई है।

भाजपा को हमेशा चुनाव में याद आते हैं भगवान
कांग्रेस मीडिया विभाग उपाध्यक्ष अब्बास हफीज ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा को हमेशा चुनाव के समय ही भगवान की याद आती हैं। भाजपा ने हमेशा धर्म को राजनीति के लिए इस्तेमाल किया है। इनके सभी नेता बाबा और संतों की शरण में पहुंचने लगे हैं। लेकिन ये किसी भी बाबा या संत के पास चले जाए कोई फायदा नहीं होने वाला है, क्योंकि सभी बाबाओं ने इन्हें बता दिया है कि अब इनके हाथ से सत्ता जाने वाली है। 2023 में कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। चाहे कितने ही बाबाओ और संतों के धाम या दर्शन कर लें। सबकी तरफ से एक ही जवाब आने वाला है। जनता भी इनकी धर्म की राजनीति को समझ चुकी है और अब कांग्रेस का साथ देने वाली है।

भाजपा का पलटवार: कहा कांग्रेस को आनी चाहिए शर्म
वहीं भाजपा नेता रमेशचंद्र शर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसे बातें करते हुए शर्म आनी चाहिए। क्योंकि कांग्रेस के लोग केवल चुनाव के टाइम आश्रम जाते हैं। लेकिन भाजपा के नेताओं की रूटीन एक्टिविटी में होता है मंदिर और अन्य धार्मिक जगहों पर जाना। हम जब भी कहीं प्रचार-प्रसार या दौरे पर जाते हैं तो वहां पर ज्योतिर्लिंग आश्रम के दर्शन करते ही है तो कांग्रेस इसको राजनीति में बिलकुल ना ले और ये वो बीजेपी है। जिसने राम मंदिर से लेकर अन्य ऐसे आंदोलनों में भाग लिया है। महाकाल लोक का विस्तार भी भाजपा की सरकार रहते हुआ है। कांग्रेस ने आज तक किया ही क्या है वो खुद बताए।




