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शराबबंदी : उमा भारती की दो टूक, "पत्थर एक चेतावनी था", जनप्रतिनिधि निभाए अपनी ज़िम्मेदारी

भोपाल : मध्य प्रदेश में शराबबंदी को लेकर लगातार अपने बयानों से चर्चा में रहने वाली पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद आक्रामक तेवर दिखाए थे। वो भोपाल में ही बरखेड़ा पठानी की शराब की दुकान पर पहुंच गई थीं, जहां उन्होंने दुकान में पत्थर मारकर तोड़फोड़ की थी। 

अब उमा भारती ने इसको लेकर एक बार फिर चेताते हुए बड़ा बयान दिया है। उमा भारती ने दो टूक कहा कि उनके द्वारा शराब दुकान पर उठाया गया पत्थर एक चेतावनी थी और यह शुरुआत है। पत्थर जो उठाया गया है वह प्रतीक है और पहला है आखिरी नहीं है। अगर उसे आखिरी बनाना है तो शराब के मामले में जनप्रतिनिधियों को बहुत अच्छा काम करना होगा। 

उमा भारती ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सतर्क रहने की जरूरत बताई है। जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी, नहीं तो बड़ा जन आंदोलन का रूप ले लेगा। बता दे कि उमा भारती लंबे समय से मध्यप्रदेश में शराबबंदी को लेकर मोर्चा खोली हुई है। वो लगातार शराबबंदी के खिलाफ आंदोलन चलाने की बात भी कह चुकी है। हालांकि, राजनैतिक पंडितों का कहना है कि उमा भारती का ऐसा करना राजनीति में वापसी करना है। 

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