अजब गज़ब है मध्यप्रदेश…यहां शराब सस्ती, और महंगा बिकता है पेट्रोल-डीज़ल, कांग्रेस ने फूंका सरकार का पुतला

जबलपुर : हालही में राजधानी भोपाल में हुई कैबिनेट की बैठक में शिवराज सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी, जिसके बाद विपक्ष इसको लेकर सरकार के खिलाफ हमलवार हो चली है। कांग्रेस नई आबकारी नीति का जमकर विरोध कर रही है। इतना ही नहीं इसी को लेकर बुधवार को कांग्रेस ने जबलपुर में इसके विरोध में राज्य सरकार का पुतला फूंका।
कांग्रेस ने सरकार का पुतला फूंकते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में शराब पर ड्यूटी कम की गई है, लेकिन आम जनता को करों से कोई राहत नहीं दी गई है। मध्यप्रदेश में पेट्रोल डीजल, गैस सिलेंडरों, खाद्य पदार्थों पर सर्वाधिक टैक्स लिया जाता है, उसमें कमी करके आम जनता को राहत देने के बजाए मध्य प्रदेश भाजपा सरकार घर-घर शराब पहुंचाने के अभियान में लगी है।
कांग्रेस द्वारा कहा गया कि यह वही लोग हैं जो चुनाव के समय शराबबंदी की बात करते हैं और अब शराब बिक्री के पक्षधर हैं, मातृशक्ति एवं बेटियों की मुश्किलें बढ़ाने का कार्य भाजपा सरकार कर रही है। नई नीति के बाद गली-गली चौराहे-चौराहे शराब के विक्रय केंद्र और बार खुल सकेंगे जिससे युवाओं को नशे की दुनिया में जाने का सुगम रास्ता सरकार द्वारा बनाया जा रहा है।
बता दे कि नई नीति लागू होने के बाद न केवल विदेशी शराब के दाम कम होंगे बल्कि आप अपने घर में भी 4 गुना ज़्यादा शराब रख सकते हैं। नई शराब नीति में विदेशी शराब पर 10%-13% तक ड्यूटी में कमी लाई गई है जिससे शराब की डिमांड बढ़ेगी, और ज्यादा बिक्री होगी। इसके अलावा नई नीति के तहत होमबार लाइसेंस का निर्णय भी लिया है अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 1 करोड़ रुपए है तो वह व्यक्ति घर पर बार ओपन कर सकेगा। इसके अलावा एयरपोर्ट पर अंग्रेजी शराब की दुकानें होंगी, और मॉल्स में काउंडर पर वाइन भी मिल सकेगी।
साथ ही नई आबकारी नीति में अंगूर के अलावा जामुन से भी शराब बनाने की अनुमति दी जाएगी और दुकानें कंपोजिट होंगी यानी एक ही दुकान पर अंग्रेजी और देशी दोनों शराब मिल पाएंगी। बता दे कि ये नई आबकारी नीति नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2022 से लागू होगी।


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