शराब ठेकेदारों ने सरकार को चेताया, अगर सरकार ने नीति में नहीं किया बदलाव तो……
.jpeg)
शराब ठेकेदारों ने सरकार को चेताया, अगर सरकार ने नीति में नहीं किया बदलाव तो……
भोपाल:- मध्यप्रदेश में शराब की नई नीति पर ठेकेदार सरकार से नाराज नजर आ रहे हैं. इसकी वजह से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आर्थिक राजधानी इंदौर समेत 17 जिलों में शराब की दुकानों को ठेकेदारों ने बंद किया था.
ठेकेदार मध्य प्रदेश आबकारी संघ के बैनर तले हड़ताल कर रहे हैं. उनका कहना है कि रूटीन चेकिंग के बहाने उनकी दुकानें सील की गई हैं. शराब नीति का विरोध राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित 17 जिलों में हो रहा है.
शराब ठेकेदारों ने मीडिया से कहा है कि नई आबकारी नीति के चलते ठेके नीलाम नहीं हो रहे. नीलामी नहीं होने की वजह से अब आबकारी विभाग ठेकेदारों पर दबाव बना रहा है और चेकिंग करने के बहाने उनकी दुकानों को सील कर रहा है.
शराब विक्रेताओं ने बताया कि इस बार 25% रिजर्व प्राइस बढ़ा दिया गया है.शराब ठेकेदारों का कहना है कि इन सारी चीजों से उन्हें बहुत घाटा होगा. सरकार ने देशी और अंग्रेजी शराब को एक ही जगह पर बेचने की बात कही है. ऐसे में मार्जिन बहुत कम होगा और शराब की दुकानें चल नहीं पाएंगी.
शराब की कीमत पर ठेकेदारों ने कहा कि मध्य प्रदेश में दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा ड्यूटी लगाई जाती है. और इसी वजह से शराब की कीमत बढ़ जाती है
.jpeg)



