छिंदवाड़ा – कमलनाथ के गृह क्षेत्र में नाबालिग की दुष्कर्म के बाद हत्या, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बदले परिजनो से मांगी रिश्वत

कमलनाथ के गृह क्षेत्र में नाबालिग की दुष्कर्म के बाद हत्या, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बदले परिजनो से मांगी रिश्वत
- परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनसे शव के पोस्टमार्टम के बदले रिश्वत मांगी
पांढुर्ना क्षेत्र के गांव की घटना जहां 18 जनवरी की रात नाबालिग को उसके घर से उठा ले गए थे आरोपी
मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र छिंदवाड़ा से एक घटना सामने आई है जहां एक आदिवासी नाबालिग का शव मिला है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी का अपहरण हुआ है उसके बाद जंगल में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। यह मामला छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा क्षेत्र के पाटई गांव का है ।
लापता नाबालिग का शव मिलनें के बाद उसके परिजनों ने आरोप लगाए है कि पुलिस का रवैया बेहद खराब रहा है। परिजनों ने शनिवार को छिंदवाड़ा के एसपी से शिकायत की है, एवं उन्हें सारी घटना से रूबरू कराया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी बेटी के पोस्टमार्टम के बदले में रिश्वत की मांग की है
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने साधा निशाना
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के जिले में हुई इस घटना को निर्भया कांड से भी बड़ा बताया है। शिवराज ने शनिवार को किए ट्वीट में मृतका के परिजनों के शिकायतों आवेदन शेयर कर घटना की पूरी जानकारी दी है।
घर से उठा ले गए थे नाबालिग को
एसपी को दिए शिकायती आवेदन में कहा गया है कि 18 जनवरी को बेटी खाना खाकर सोई थी। माता .पिता खेत में पानी लगाने चले गए। लड़की घर में अकेली थी और उसकी दादी दूसरे कमरे में सो रही थीं। तभी मौका पाकर आरोपी रात को 11 बजे लड़की को घर से उठा ले गए। माता.पिता घर लौटे तो पता चला बेटी नहीं है उन्होंने सोचा कि रिश्तेदारों के यहां गई होगी लौट आएगी लेकिन वह नहीं लौटी।
पुलिस ने मांगी थी रिश्वत
घटना के एक हफ्ते बाद 25 जनवरी को फारेस्ट चौकीदारों ने जंगल में गश्त के दौरान एक लड़की की लाश देखी। उन्होंने इसकी जानकारी ग्राम पंचायत को दे दी। पुलिस मौके पर पहुंचीं तो लाश निर्वस्त्र थी और सड़ चुकी थी। मृतकों के परिजनों ने बताया कि जब वह 26 जनवरी को शव लेने पहुंचे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया थाए शव ले जाने के लिए वाहन देने के बदले पुलिस ने 1 हजार की रिश्वत मांगी।
पुलिस का रवैया टालमटोल करनें वाला
पुलिस से शव का पीएम करने की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि शव सड़ चुका है पोस्टमार्टम नहीं हो सकता है। भोपाल भेजना होगा इसके बदले 5 हजार रुपए लगेंगे। जब परिजनों ने 5 हजार रुपए नहीं दिए तो उन्होंने शव को वैसे ही लौटा दिया दूसरे दिन परिजनों ने मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया।




