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Corona In Bhopal : साथी पत्रकारों को भी रहना होगा Quarantine में ,कार्यक्रम में मौजूद अन्य नेताओं को भी संक्रमण का डर

 

Bhopal Desk ,Gautam

भोपाल में जबसे कोरोना का नया मामला सामने आया है पत्रकार मंडली में खलबली सी मच गई है। ज्ञात हो कि पूर्व सीएम कमलनाथ जिस दिन इस्तीफा दे रहे थे उसी दिन उस प्रेस कांफ्रेंस ने एक ऐसा भी पत्रकार मौजूद था जो कोरोना वायरस से संक्रमित है। इससे पहले उनकी बेटी को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। फिलहाल मेडिकल टीम ने इनको isolate किया है।

बेटी भी थी संक्रमित

पत्रकार की 26 वर्षीय बेटी 17 मार्च को लंदन से दिल्ली पहुंची थी। आईजीआई एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के बाद डॉक्टर्स ने उसे फिट घोषित किया। इससे बाद वह शताब्दी एक्सप्रेस में सवार होकर भोपाल आई। फिर परिजन ने कलेक्टर तरुण पिथौड़े से संपर्क कर उसकी कोरोना जांच की मांग की। इस पर जेपी अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने घर पहुंचकर लड़की के थ्रोट के सुआब का नमूना लिया, इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

साथी पत्रकारों को Quarentine में जाना होगा 

बहरहाल स्वास्थ्य विभाग उन सभी नेताओं और पत्रकारों की तलाश में जुटी है जिन्हें कोरोना का संक्रमण हो सकता है।पत्रकार की आज ही रिपोर्ट आई है, जिसके बाद प्रशासन की ओर से उन लोगों की पहचान शुरू हो गई है, जो लोग उनके संपर्क में आए थे। न केवल पत्रकार, कमलनाथ सरकार के विधायक और मंत्री भी वहां मौजूद थे। कांग्रेस के बड़े नेता और प्रवक्ता मौजूद थे। अब देखने वाली बात होती है कि प्रशासन कितनी जल्दी एडवाइजरी करता है।

कमलनाथ हुए Isolate

कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भोपाल ही नहीं, दिल्ली के भी पत्रकार मौजूद थे।ऐसे में सवाल उठता है क्या दिल्ली के पत्रकारों के लिए कोई खास हिदायत जारी की जाएगी। फिलहाल, उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सभी पत्रकारों को क्वारनटीन भेजा सकता सकता है। फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खुद को इसोलेट कर लिया है।

राज्य की तैयारियां कोरोना के लिए

हमीदिया अस्पताल अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए तीन यूनिट बनाई गई हैं। प्रत्येक यूनिट में पल्मोनोलॉजिस्ट, मेडिसिन, पीडियाट्रिक, ईएनटी और एनीस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर ड्यूटी करेंगे। यूनिट में ड्यूटी करने वाले डॉक्टर एक सप्ताह तक मरीजों का इलाज करेंगे। इन्हें एक सप्ताह की ड्यूटी खत्म होने के बाद 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन सेंटर में भेजा जाएगा। इसकी वजह मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टर्स, पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टॉफ को मरीजों का इलाज करने के दौरान सबसे ज्यादा संक्रमण होने का खतरा होता है।

 

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