जबलपुर के ऑपरेटरों ने 50 प्रतिशत यात्रीओ के साथ बस चलाने से किया मना, ट्रैफिक एएसपी के साथ बैठक में राखी ये बाते

मध्यप्रदेश /जबलपुर(Jabalpur) – : ट्रैफिक एएसपी(ASP) अगम जैन(Agam Jain) ने पुलिस कंट्रोल रूम(Police control room) में जिले के बस ऑपरेटर, ऑटो और टैक्सी संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कहा गया कि सोशल डिस्टेंसिंग(Social distancing) और कोरोना(Corona) से बचाव के अनुसार बसों, ऑटो व टैक्सी का संचालन चालू कर सकते हैं। बसों में कुल सीटी क्षमता के 50 %प्रतिशत, ऑटो में 2 सवारी और टैक्सी में 3 लोगों को बिठाने की अनुमति मिली है। बैठक में इस निर्णय को सभी संगठनों ने विरोध करते हुए कहा कि घाटे का सौदा है ये ।अब संघ के विरोध के बाद एएसपी ने शासन को अवगत कराने की बात कही है।
अब कहा जा रहा कि एएसपी अगम जैन और एएसपी संजीव उईके(Sanjiv uike) सहित दोनों डीएसपी(DSP) व ट्रैफिक टीआई(TI) की मौजूदगी में ये बैठक हुई है। अधिकारियों ने कहा कि बस में सफर करने वाले को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। हर फेरे के बाद बस, ऑटो व टैक्सी को सेनेटाइज करना होगा। ऑटो कलर के अनुसार तय रूट पर चलेंगे और बस को निर्धारित स्टॉपेज पर ही सवारी बिठाने व उतारने की अनुमति होगी।
अब तीन महीने का टैक्स होना चाहिए माफ
बस ऑपरेटरों ने लॉकडाउन अवधि का टैक्स माफ करने सहित कई और मांग रखी। बताया कि सीट क्षमता पर वाहन चलाने पर 80% प्रतिशत खर्च होता है। ऐसे में 50% प्रतिशत सवारी में चलाने पर खर्च ही नहीं निकलेगा। यही परेशानी ऑटो चालकों ने रखी है। बैठक में बस एसोसिएशन के अध्यक्ष पिंटू तिवारी, शंकर दयाल शर्मा, बच्चू रोहाणी, ऑटो संघ के अध्यक्ष शिवा शर्मा, विजय कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।
अधिकारी अपना रहे दोहरी नीति
जबलपुर बस ऑपरेटर संघ के नसीम बेग ने कहा कि अधिकारी दोहरी नीति अपना रहे हैं। पलायन मजदूर के समय यही प्रशासनिक अधिकारियों ने बसों कि क्षमत से अधिक लोगों को बिठा कर रवाना कराया था। तब न तो सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान था और न ही किसी तरह की गाइड लाइन थी। 50% यात्री क्षमता में लागत तक नहीं निकलेगी। हम लोग बर्बाद हो जाएंगे। इस क्षमता में किराया डबल हो या फिर सरकार टैक्स में छूट देकर इसकी भरपायी करे।




