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Jabalpur: लॉक डाउन को एक माह बीता, शहर में 6 गुना बढ़े कोरोना के मरीज़, हज़ार से ज़्यादा लोगों पर मामला दर्ज

मध्यप्रदेश/जबलपुर – कोविट -19  के संक्रमण को रोकने के लिए शहर में लागू किए लॉकडाउन को 1  महीने का समय बीत गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा की थी। तब  शहर में कोविट -19  के 6 पॉजिटिव मरीज थे। 1 महीने के अन्दर ही मरीजों की संख्या 32 पर पहुंच गई हैं। जिला पुलिस प्रशासन ने सख्ती से लॉकडाउन का पालन नहीं कराया होता तो इसकी संख्या में कई गुना इजाफा होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता था।

प्रदेश में कोविट -19 के पॉजिटिव मरीज मिलने की शुरूआत जबलपुर से हुई थी। शहर में पहली बार एक साथ 4 मरीज 20 मार्च को पॉजिटिव मिले थे। इनमें दुबई से आए 1 सराफा व्यापारी के परिवार के ही तीन सदस्य रहे। 4  सिविल लाइन निवासी थे।

प्रधानमंत्री ने पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा 22 मार्च की रात को की थी। लेकिन उससे पहले ही जबलपुर में यह प्रक्रिया शुरू हो गई थी। एक साथ चार  मरीज मिलते ही प्रशासन सख्त हो गया और बाजार बंद करवाने के साथ लोगों से घरों में रहने के लिए कहा था। इस कारण से शहर में इसका संक्रमण उतना नहीं फैल पाया जितना सोचा जा रहा था।

जबलपुर में 1389 लोगों पर मामला दर्ज

जबलपुर शहर में कोविट-19 पॉजिटिव मरीज मिलते ही प्रशासन ने भीड़ वाले इलाकों को बंद कर दिया। लोग घरों से बाहर न निकलें इसको लेकर भी पुलिस ने भी सख्ती हो गई थी। यही वजह है कि इस 1 माह में पुलिस लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले 1389 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज कर चुकी हैं।

हर स्तर पर हो रही मदद

लॉकडाउन के दौरान गरीब और जरूरतमंद लोगों को परेशानी न हो सभी अपने-अपने स्तर से लोगों की मदद कर रहे हैं। नगर निगम ने भी संभागीय कार्यालयों में रसोई खोल दी है, ताकि लोगों तक भोजन पहुंचाया जा सके। प्रशासन, जन प्रतिनिधि और लोग खुद व्यक्तिगत तौर पर आगे आकर जरूरत मंदों की मदद कर रहे हैं। 

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