जबलपुर : 13 वर्षीय बालक की नरबलि देने की कोशिश, आरोपियों की तलाश में लगी पुलिस

13 वर्षीय बालक की नरबलि देने की कोशिश,
-पुलिस की चार टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गईं, पुलिस का दावा अब तक जांच में नहीं मिले पुख्ता साक्ष्य
द लोकनीति डेस्क जबलपुर
शहर के कारोबारी पुत्र आदित्य (12) की फिरौती के लिए अपहरण और हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक मासूम की नरबलि चढ़ाने की कोशिश का प्रकरण सामने आया। वारदात बरेला थाने से आठ किमी दूर पड़वार रोड स्थित करोरा गांव की बतायी जा रही है। 17 अक्टूबर को वारदात के बाद पीड़ित परिवार थाने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने मामले में गम्भीरता नहीं दिखाई। बुधवार पनागर के भाजपा विधायक सुशील उर्फ इंदू तिवारी पहुंचे। तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई। गुरुवार को मामले में चार टीमें गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
पुलिस के अनुसार करोरा गांव निवासी पुरुषोत्तम मार्को का 12 वर्षीय बेटा देवराज दादी के साथ खेत में बने मकान में रहता है। परिवार के लोग गांव में रहते हैं। 17 अक्टूबर को खेत वाले मकान पर सुबह 8.30 बजे एक युवक साइकिल से पहुंचा। उसने झांड़-फूंक करने का दावा किया। इस पर देवराज की दादी प्रभावित हो गईं और उसे भोजन तक कराया। इसके बाद उक्त युवक देवराज को साथ लेकर निकल गया। देवराज की दादी को बताया कि वह आगे गांव तक ले जा रहा है।
बालक के घर नहीं लौटने पर मचा हंगामा : काफी देर बाद भी देवराज नहीं लौटा तो उसकी तलाश में दादी निकली। गांव पहुंची तो वहां भी देवराज नहीं मिला। इसके बाद बेटे पुरुषोत्तम को बताया। पूरे गांव के लोग देवराज की तलाश में जुट गए। नहीं मिलने पर दोपहर में थाने पहुंचे। इसी बीच देवराज घर लौट आया।
बलि देने की थी तैयारी, भागने की की कोशिश :
घर लौटे देवराज ने बताया कि साइकिल सवार उसे लेकर पहाड़ी पर गया था। वहां पहले से तीन लोग मौजूद थे। वे फोन पर किसी से बलि देने की पूरी तैयारी होने की बात करने लगे। इसके बाद वह भागा तो गिर पड़ा। पैर में चोट भी आई, इसके बाद चारों ने उसे पकड़ लिया और फिर पहाड़ी पर ले गए। वहां उसकी बलि देने की तैयारी थी कि तभी किसी का फोन आया और उक्त आरोपी उसे घर छोड़ गया।
विधायक के हस्तक्षेप के बाद सक्रिय हुई पुलिस :
गांव वालों ने बुधवार को स्थानीय भाजपा विधायक सुशील उर्फ इंदू तिवारी को इसके बारे में बताया। वे गांव पहुंचे। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया। इसके बाद पुलिस मामले में सक्रिय हुई। मामले में क्राइम ब्रांच, सायबर सेल और बरेला पुलिस की कुल चार टीमें गठित की गई हैं।
संदेही केे घर में दबिश, फरार हो गया था घर से :
पुलिस सूत्रों के मुताबिक नरबलि देने के प्रयास करने वाले संदेहियों में एक का पता चल गया है। वह बीजाडांडी मंडला का रहने वाला है। घर पर टीम पहुंची, लेकिन वह फरार मिला। घर में उसकी बुजुर्ग मां है। पत्नी पहले ही उसके झांड़-फूंक की हरकतों से नाराज होकर छोड़ चुकी है।
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इनका कहना
करोरा के ग्रामीणों से 12 वर्षीय बालक के नरबलि देने के प्रयास सम्बंधी सूचना पर मैं गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी मामले की पुष्टि नहीं हो पायी है।
सुशील उर्फ इंदू तिवारी, बीजेपी विधायक, पनागर
12 वर्षीय बालक का दावा है कि चार लोग उसका बलि देने वाले थे। बताए गए पहाड़ी की सर्चिंग कराई गई, लेकिन वहां नरबलि देने की तैयारी जैसे साक्ष्य नहीं मिले। फिर भी प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस की चार टीमें लगी हैं।
अगम जैन, एएसपी नार्थ




