भोपाल: बेकाबू कोरोना में लापरवाही, रेलवे स्टेशन पर RT-PCR जांच के नाम पर थर्मल स्क्रीनिंग की खानापूर्ति  

भोपाल: बेकाबू कोरोना में लापरवाही, रेलवे स्टेशन पर RT-PCR जांच के नाम पर थर्मल स्क्रीनिंग की खानापूर्ति  

भोपाल: बेकाबू कोरोना में लापरवाही, रेलवे स्टेशन पर RT-PCR जांच के नाम पर थर्मल स्क्रीनिंग की खानापूर्ति  

भोपाल/राज राजेश्वरी शर्मा:   कोरोना चरम पर है, यह सुनकर हम सबसे पहले बड़े आयोजनों में जाना, रेल यात्रा करने जैसे कार्यों से बचते है. कोरोना के बढते संक्रमण के बावजूद भी रेलवे स्टेशन पर भीड़ उमड़ रही है और ख़ास बात तो यह है की यहाँ पर RT-PCR टेस्ट भी नही हो रहा है. RT-PCR टेस्ट की जगह सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है. 

फिलहाल महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना मामले सामने आ रहे है, वहां से आने वाले यात्रियों की ख़ासतौर पर जांच होना चाहिए, आईसोलेशन होना चाहिए. सरकार ने जांच के और आईसोलेशन के निर्देश तो बेशक दे दिए पर  ट्रेनों में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही है। स्टेशनों पर थर्मल स्कैनिंग के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। भोपाल स्टेशन पर RT-PCR की जांच लैब बंद हो गई है। हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर तो RT-PCR जांच की सुविधा ही नहीं है, ऐसी लापरवाही का परिणाम प्रदेश के लिए भयावह हो सकता है. 

भोपाल और हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग से यात्रियों की जांच के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। यात्रियों की जांच के  लिए आरपीएफ जवानों को थर्मल स्कैनिंग मशीन दी गई। जांच के नाम पर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। 
भोपाल रेलवे स्टेशन पर 1 अप्रैल से एसआरएल डायग्नोस्टिक लिमिटेड ने कोरोना की जांच शुरू की, लेकिन उनको जांच के लिए यात्री ही नहीं मिल पा रहे। अब सरकार की तरफ से जांच की दरें कम करने के बाद लैब ने भोपाल रेलवे स्टेशन से काम बंद करने का निर्णय ले लिया है।