इंदौर: नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के ख़िलाफ़ दर्ज़ कराई FIR

- इंदौर के नगर निगम हैं मामला
- कीटनाशक छिड़काव के दौरान हुआ था विवाद
इंदौर/अंजली कुशवाह: इंदौर में मलेरिया और डेंगू उन्मूलन कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के बीच विवाद बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. नगर निगम सफाईकर्मियों के दबाव के बाद विधायक जीतू पटवारी पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है. बता दें कि बीते बुधवार को मलेरिया और डेंगू उन्मूलन कार्यक्रम के दौरान कीटनाशक छिड़काव के दौरान विधायक जीतू पटवारी द्वारा नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी उत्तम यादव को अपशब्द बोलते हुए धक्का-मुक्की की थी. जानकारी के मुताबिक इस मामले में समझौता भी हो गया था लेकिन सफाईर्मियों के हड़ताल पर चले जाने की चेतावनी के बाद राजेंद्र नगर में FIR दर्ज की गई.
कर्मचारियों ने दी हड़ताल पर जाने की धमकी
जानकारी के अनुसार बुधवार को पालदा में हुए विधायक और नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी के विवाद के बाद नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा प्रकरण दर्ज नहीं होने पर हड़ताल पर जाने की धमकी दी. इसके बाद सुबह होते ही सफाई कर्मचारी इकट्ठा होकर यहां पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए केस दर्ज करने की मांग की. विवाद बढ़ता हुआ देखकर विधायक जीतू पटवारी के खिलाफ पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा और धमकाने के मामले में केस दर्ज कर लिया गया.
सफाईकर्मियों ने इकट्ठा होकर की नारेबाज़ी
जानकारी के अनुसार इंदौर के राजेन्द्र नगर थाने पर शुक्रवार सुबह सफाईकर्मियों के नेता प्रताप करोसिया के साथ महिला और पुरुष सफाईकर्मियों ने इकट्ठा होकर जमकर नारेबाजी की और विधायक जीतू पटवारी पर केस दर्ज करने की मांग की. इसके अलावा जोन क्रंमाक 14 पर काम करने वाले सफाईकर्मियों ने शुक्रवार को काम भी नहीं किया. इस मामले में स्वास्थ्य अधिकारी उत्तम पुत्र यशवंत यादव निवासी 401 बी/4 संवाद नगर इंदौर की शिकायत पर केस दर्ज किया गया. उत्तम यादव ने FIR में बताया गया है कि 15 सिंतबर को जोन 14 के वार्ड 79 में दुर्गा नगर में मलेरिया डेंगू उन्मूलन कारवाई के दौरान टीम के साथ दवाई छिड़काव व अन्य गतिविधियों का निरीक्षण कर रहा था. इसी बीच विधायक जीतू पटवारी आए और समस्त अमले को अपशब्द कहे व मेरे साथ धक्का-मुक्की की गई. निगम के अमले को काम करने से भी रोका गया. इस प्रकार शासकीय कार्य में बाधा डाली गई. जिससे कार्य में व्यवधान उत्पन्न होने के साथ ही आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया गया. इस घटनाक्रम के दौरान मेरे सहायक कर्मचारी राम लोवंशी, लखन मेलाने और सुमित दुबे मौजूद थे.
मामले पर निगमायुक्त ने दी सफाई
इस मामले पर निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने सफाई देते हुए कहा था कि संबंधित अधिकारी ने किसी भी तरह के अपशब्दों के उपयोग की बात से इन्कार किया है. वहीं शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य अधिकारी कि शिकायत के बाद पुलिस ने जीतू पटवारी के खिलाफ शासकीय कार्य मे बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया है.
मामले में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने ट्वीट कर किया सपोर्ट
इस मामले में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता के के मिश्रा ने ट्वीट के द्वारा विधायक जीतू पटवारी का समर्थन किया साथ ही मप्र सरकार पर दबाव बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा – पूर्व मंत्री, विधायक जीतू पटवारी जी के खिलाफ साधारण मामले में राजनैतिक, प्रशासनिक दबाव के 3 दिन बाद हुई FIR सरकारी चरित्र के संदिग्ध होने का स्पष्ट प्रमाण! याद रहे भ्रष्टों-बेईमानों की फ़ौज ने बर्रे के छत्ते में हाथ डाला है,कल भी आएगा?

अब आगे यह देखना होगा कि यह विवादित मामला आगे क्या मोड लेगा. साथ ही कांग्रेस की इस मामले में क्या प्रतिक्रिया सामने आती हैं.




