इंदौर : 6 माह से फरार चले रहे दुष्कर्म के आरोपी MLA पुत्र की जमानत हाई कोर्ट से ख़ारिज, होगी संपत्ति कुर्क

इंदौर : दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में फरार चल रहे बडनगर विधायक के पुत्र करण मोरवाल की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी है। महिला थाना प्रभारी ज्योति शर्मा के अनुसार इंदौर पुलिस द्वारा बड़नगर के कई इलाकों में करण मोरवाल की खोजबीन की जा रही है। वहीं बडनगर में 25 दिन पूर्व ही इलाके के सभी जगह पुलिस द्वारा आरोपी के पोस्टर भी चस्पा किए गए थे। मामले में आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्त से दूर है।
पुलिस ने बताया कि जमानत अर्जी खारिज होने पर करण ने संपत्ति बचाने का रास्ता निकाला था। जिसकी जानकरी मिलते ही टीआई ज्योति शर्मा ने उज्जैन कलेक्टर, तहसीलदार और उप पंजीयक को पत्र लिख नामांतरण आदि पर रोक लगा दी थी। बता दे कि अगर 28 सितंबर तक अगर करण मोरवाल जिला कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो उसकी सारी संपत्ति कुर्क की जाएगी, ये आदेश कोर्ट ने दिए है।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व आरोपी द्वारा संपति को बचाने के लिए अपनी सभी संपति को अपने भाई के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी कर प्रॉपर्टी का दान दिया जा रहा था। दान जमीन किसी जरूरतमंद को नहीं बल्कि मां मीना मोरवाल को मिलने वाली थी। इसकी जानकारी लगते ही इंदौर पुलिस द्वारा बड़नगर उप पंजीयक को पत्र लिखकर जमीन के नामांतरण पर रोक लगा दी थी ।
गौरतलब है कि बडनगर विधायक के पुत्र करण मोरवाल पर दुष्कर्म का आरोप है। थाना प्रभारी ज्योति शर्मा के मुताबिक पीड़ित युवती साल 2018 दिसंबर में करण के संपर्क में आई थी। इसके बाद दोनों में दोस्ती हुई, बाद में करण मोरवाल ने इंदौर के होटल में नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। मालूम हो कि 6 माह से फरार चल रहे करण मोरवाल की जमानत याचिका हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी है इससे पहले जिला कोर्ट में आरोपी द्वारा अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई गई थी लेकिन आरोपी द्वारा हाईकोर्ट में अपील की गई थी।




