इंदौर : रेमडेसिविर इंजेक्शन कालाबाज़ारी का हाई प्रोफाइल मामला, जुड़ा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया का नाम

मध्यप्रदेश/इंदौर – मध्यप्रदेश के इंदौर से एक और बड़ा मामला सामने आया है जहां विजय नगर थाना पुलिस ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया के ड्राइवर को रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचते हुए गिरफ्तार किया और उसके पास से एक इंजेक्शन भी मिला।
डॉ. पूर्णिमा के ड्राइवर पुनीत अग्रवाल से जो इंजेक्शन ज़ब्त किया गया, वह असली रेमडेसिविर है या नकली, इसकी जांच के लिए पुलिस अब एफएसएल तक सैंपल भेजने की तैयारी कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि विजय नगर पुलिस को मुखबिर से इसकी सूचना मिली थी जिसके बाद पुलिस की टीम ने 30 वर्षीय पुनीत अग्रवाल को गिरफ्तार किया। वह किसी को 15 हज़ार रुपये में इंजेक्शन बेच रहा था। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया।
वहीं, अपने ड्राइवर की गिरफ्तारी के मामले में जिला स्वास्थ अधिकारी पूर्णिमा गड़रिया ने कहा कि निजी कम्पनी का वाहन अनुबंधित था और वहीं से ड्राइवर भेजा गया था। उन्होंने ड्राइवर की नियुक्ति से सीधा संबंध न होना बताया।
इधर, पुलिस इस मामले की जांच कर रही हैं। पूछताछ की जा रही है कि वह इंजेक्शन कहां से लाया था और उसके साथ कौन और लोग इस कालाबाज़ारी में शामिल हैं।
बता दे कि ये मामला हाई प्रोफाइल इसलिए हो गया क्योंकि कलेक्टर के खिलाफ जाकर इस्तीफा देने से चर्चा में आईं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूर्णिमा गडरिया का नाम जुड़ गया हैं। पूर्णिमा गड़रिया बीते दिनों मुखर होकर इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह के विरोध में उतरी थीं।

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