भारत ने पेश की मानवता की मिसाल,10 कोरोना संक्रमित इटली नागरिकों को किया ठीक

भारत ने पेश की मानवता की मिसाल,10 कोरोना संक्रमित इटली नागरिकों को किया ठीक
जहां एक तरफ दूसरे देश अपने नागरकों के अलावा किसी और देश के नागरिकों की इलाज करने के लिए तैयार नही है वही दूसरी तरफ जो मानवता में सबसे आगे है जी हां,ये बात इसलिए क्योंकि भारत ने 10 इटली आए नागरिक जो कि कोरोना से संक्रमित थे उनका इलाज करके उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ कर दिया है, हिंदुस्तान टाइम्स ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर छापा है. और भारत को अपने नागरिकों इटली से ऐसी मुसीबत के वक्त वहां (इटली) से वापस लड़ना पड़ा, क्यों ? क्योंकि इटली में भारतीयों को अच्छी स्वास्थय सुविधा मुहैया नही कराई जा रही थी।
कैसे और कहां हुए ठीक
कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले ठीक भी हो रहे हैं. सोमवार को गुड़गाँव के मेदांता हॉस्पिटल के आइसोलेशन वॉर्ड से इटली के 10 नागरिकों को रिकवरी के बाद छुट्टी दे दी गई. इन्हें दिल्ली के आईटीबीपी कैंप से यहां लाया गया था. ये तीन हफ़्तों तक मेदांता के आइसोलेशन वॉर्ड में रहे. इटली से आए इस समूह में कुल 14 लोग थे और सभी कोरोना वायरस से संक्रमित थे. एक व्यक्ति को पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. बाकी तीन अभी मेदांता में ही हैं. इनमें से एक वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. 70 साल की एमिलिया ग्युसेपिना एंतोइनेते के पति जांच में निगेटिव पाए जाने के बाद इटली चले गए थे. एमिलिया ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा, ''हममें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे. न बुख़ार था और न ही कफ़. ब्लड प्रेशर की भी कोई समस्या नहीं थी. केवल तीन ऐसे लोग थे जो अच्छा महसूस नहीं कर रहे थे. इसके बाद हम सभी कोरोना से संक्रमित पाए गए थे.'' अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस ग्रुप में एमिलिया एकमात्र हैं जो अंग्रेज़ी बोलती हैं. एमिलिया ने कहा,”हम लोग के लिए यह अच्छा हुआ कि हम यहां थे. जब हम लोग इटली से चले थे तो वायरस के बारे में कुछ पता नहीं था. एक दोस्त को फ्लू था लेकिन उसने इटली में डॉक्टर के पास जाने से मना कर दिया था. हालांकि तब हमें कोरोना वायरस के बारे में पता भी नहीं था.”

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