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Honor Killing : कैसे एक लाश 80 किलोमीटर तक चली और पहुंच गई दिल्ली से अलीगढ़ ?

  •  दिल्ली से अलीगढ़ 80 किलोमीटर तक चली लाश
  •  माँ सुमन, पिता रविन्द्र , ताऊ संजय, फूफा ओम प्रकाश, फूफा का बेटा परवेश, दामाद अंकित गिरफ्तार

Bhopal Desk,Gautam : पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में दिल दहलाने वाला ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। यहाँ एक पुरे परिवार ने मिलकर अपनी ही बेटी का कत्ल कर दिया और  करीब 80 किलोमीटर दूर नहर में लाश फेंक कर आ गए। फिलहाल पुलिस ने सभी परिवार के आरोपियों को किया गिरफ्तार।

माँ ने कैसे मरने दिया बेटी को
पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में  दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। मृतक शीतल चौधरी के पिता माँ और पूरा परिवार मिलकर बेटी हत्या कर देते है। और क्यूँ क्योंकि उनकी बेटी को  पड़ोस मैं रहने वाले एक लड़के अंकित भाटी प्यार हो जाता है।  यह बात करीब तीन साल तक दोनों परिवार को मालूम नही चलता है। बाद मे अंकित और शीतल अक्टूबर के महीने में परिवार के डर से आर्य समाज मे जाकर चुपके से दोनों शादी कर लेते है।
लेकिन जब परिवार को इस बात की भनक लगती है  कि दोनों ने चुपके से शादी किया है तो शीतल का पूरा परिवार समझने की कोशिश करते है, मगर शीतल कुछ नही समझती है। उसके बाद  30 जनवरी कि उसी रात शीतल को उसकी माँ और पिता और उसके साथ पूरा परिवार मिलकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर देते है। उसकी लाश को लेकर पूरा परिवार गाड़ी में डालकर करीब 80 किलोमीटर दूर अलीगढ़ इलाके के जावा के नहर में फेककर आ जाते है। और माँ इनसब में साथ देती है जाने कैसे ?

 

           

 

कैसे खुला मामला
मामले का खुलासा तब होता है जब अंकित शीतल को कई बार फोन करता है मगर उसकी फोन ऑफ बताता है। अंकित उसकी किडनेपिंग का मुकदमा पास के नई अशोक नगर मैं fir दर्ज करवा देता है। पुलिस भी आनन-फानन में शीतल के घर जाकर पूछताछ करती है तो उनका कहना था कि शीतल अपने फूफा के घर चली गयी है। मगर जब पुलिस वहां भी जाती है तो खाली हाथ लौटना पड़ता है। यह सिलसिला चलता रहता है बाद में थाना अशोक नगर पूरा परिवार का कॉल डिटेल निकलते है तो पूरा परिवार शक के घेरे मैं आ जाते हैं। जिसके बाद थाना अशोक नगर सभी परिवार से अलग अलग तरीके से पूछताछ करती है तो बाद मैं खुलासा होता है कि अपनी बेटी शीतल की हत्या खुद उनके पूरे परिवार ने मिलकर की है। करीब 30 जनवरी को यूपी पुलिस को शीतल की लाश मिलती है और 2 फरवरी को यूपी पुलिस शीतल की लाश को अंतिम संस्कार कर देती है और उसके कपड़े और बाकी सामान रख लेती है। उधर दिल्ली पुलिस के टीम जब अलीगढ़ के आसपास के कई थाना में संपर्क करते है तो उनको शीतल की लाश के बारे मे बताया जाता है और उसकी पुलिस कपड़े और फ़ोटो से शिनाख्त कर लेती है कि यह शीतल की लाश है।

 

     

 

लाश लेकर घुमते रहे लोग
हत्या के बाद शीतल की लाश को सफेद रंग की वैगनआर कार के अंदर सीट पर बैठाकर उसकी माँ और पिता लेकर चले जाते है और दूसरी गाड़ी मैं शीतल का फूफा और उसके बेटे के साथ घर के परिवार भी जाते हैं। वे लोग लाश को लेकर घूमते रहते है और करीब 80 किलोमीटर के बाद उस लाश को नहर में फेंककर  आराम से घर आ जाते है। बहरहाल पुलिस ने परिवार के सभी आरोपी माँ सुमन,पिता रविन्द्र  ,ताऊ संजय ,फूफा ओम प्रकाश, फूफा का बेटा परवेश, और दामाद अंकित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

 

 

एक और जहाँ हम जात-पात उंच-नीच के भेद को मिटाने में लगे हैं वहीँ दूसरी और ये पढ़े लिखे लोग ही समाज पर धब्बा बनते जा रहे हैं। ठीक हैं आपकी भी आशाएं होंगी आपकी लड़की से पर क्या आपकी आशाएं आपकी बिटिया से बढकर थी और अगर थी तो साहब गुडिया बनाकर घर में बिठाते उसको पढ़ाने लिखाने की क्या आवयश्कता थी। एक बार उस लड़के से मिलते उसको समझते क्या पता आप भी अपनी बेटी के लिए किसी ऐसे को ही धुंध रहे थे जैसे वह लड़का था। पर कहाँ आप तो अपने गुरूर में थे साहब आपकी नाक कट जाती इसलिए आपने अपनी बेटी को काट दिया। अब तो लगता है की आरुशी हत्याकांड की जांच भी सही थी और एक तौर पर देखा जाए तो क्या पता वहां भी यही स्थिति रही हो।

 

 

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