हमीदिया अस्पताल में एचआईएमएस लागू तो किया गया लेकिन हकीकत कुछ और है…….

हमीदिया अस्पताल में एचआईएमएस लागू तो किया गया लेकिन हकीकत कुछ और है…….
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव :– आए दिन भोपाल के हमीदिया अस्पताल की लापरवाही सामने आती रही है. हमीदिया अस्पताल में करीब 3 साल पहले हेल्थ इनफॉरमेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया गया था. उस वक्त यह दावे किए गए थे कि अस्पताल का पूरा काम ऑनलाइन किया जाएगा मगर सारे दावे फेल हो गए, साथ ही यह बात भी कही गई थी कि रिपोर्ट भी ऑनलाइन ही मोबाइल पर मिल जाएगी.पर यह सब कुछ सिर्फ कहने तक ही सीमित रह गया.
हर रोज ढाई हजार मरीजों को ओपीडी में लगानी पड़ती है लंबी लाइन:-
एच आई एम एस तो लागू किया गया था पर इसके फायदे देखने को नहीं मिले. हकीकत तो यह है कि हर दिन ढाई हजार मरीजों को ओपीडी में लंबी-लंबी लाइनों में लगकर इंतजार करना पड़ता है. बावजूद इसके चिकित्सा शिक्षा विभाग एचआईएमएस को प्रदेश के सभी 13 सरकारी मेडिकल कॉलेज में लागू करना चाहता है.सोमवार को इस संबंध में गांधी मेडिकल कॉलेज में बैठक का आयोजन भी किया गया. बैठक में सभी 13 कॉलेजों की अलग-अलग प्रतिनिधियों को बुलाया गया था. एच आई एम एस के सभी मॉडल को जल्द से जल्द चालू करने की बात कही गई.
लागत को लेकर हो चुका है विवाद:-
3 साल पहले यह सिस्टम जब तैयार हुआ था तो उस दौरान लागत को लेकर विवाद हुआ था. बता दें कि इस सिस्टम को सरकारी एजेंसी करीब 2500000 रुपए में तैयार करने का दावा कर रही थी. तो वहीं गांधी मेडिकल प्रशासन ने इसके लिए करीब 10 गुना ज्यादा पैसा खर्च किया..
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने साध रखी है चुप्पी:-
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग यकीनन इस बात से अवगत होंगे की हमीदिया अस्पताल में एच आई एम एस को लागू करने के बाद भी ओपीडी में लोगों को लंबी लाइन लगाकर इंतजार करना पड़ता है. पर फिर भी इस मामले पर उन्होंने चुप्पी साध रखी है
बैठक के बाद हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ आईडी चौरसिया ने कहा कि एचएमआईएस सिस्टम के संबंध में बैठक हुई थी अस्पताल में इसे लागू करने का काम चल रहा है. इसे पूरी तरह चालू करने के लिए प्रयास चल रहे हैं
.jpeg)



