सभी खबरें

MPPSC के इंटरव्यू पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, बिना परीक्षा भर्ती का 30 सितंबर तक शासन से मांगा जवाब.. 

  • मेडिकल ऑफिसर के इंटरव्यू पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक 
  • बिना परीक्षा के हो रही थी भर्ती 
  • याचिकाकर्ताओं ने कहा इंटरव्यू में होती है पक्षपात की संभावना 

ग्वालियर/निशा चौकसे:- ग्वालियर हाई कोर्ट के उच्च न्यायालय ने चिकित्सा अधिकारी भर्ती के उस इंटरव्यू पर रोक लगा दी है जिसके माध्यम से प्रदेश में 576 मेडिकल ऑफिसर के पद भरे जाने थे.  बता दें कि एमपीपीएससी इन पदों के लिए 27 सितंबर को इंटरव्यू करने वाली थी. दरअसल, कोर्ट ने मध्यप्रदेश शासन व एमपीपीएससी को नोटिस जारी कर 30 सितंबर तक जवाब मांगा है कि परीक्षा के माध्यम से भर्ती न करते हुए सीधे इंटरव्यू के आधार पर कैसे भर्ती की जा रही थी.

पांच डाक्टरों ने दायर की थी याचिका
इसे लेकर हाईकोर्ट में डॉ. रोनक शर्मा सहित पांच डाक्टरों ने याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गौरव मिश्रा ने तर्क दिया कि मेडिकल ऑफिसर का पद राजपत्रित है. द्वितीय श्रेणी का अधिकारी है. इस तरह के पद को इंटरव्यू के माध्यम से नहीं भरा जा सकता है. इंटरव्यू में पक्षपात की संभावना अधिक होती है. पदों को भरने के लिए लिखित परीक्षा ली जानी चाहिए. उस परीक्षा के आधार पर मेरिट लिस्ट बनाने के बाद उम्मीदारों को चयन कर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए। लेकिन एमपीपीएससी इंटरव्यू के माध्यम से पद भर रही है. यह सवैंधानिक अधिकारों का उल्लंघन भी है. इसलिए 27 सितंबर को होने वाले साक्षात्कार पर रोक लगाई जाए. सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने एमपीपीएससी द्वारा लिए जाने वाले मेडिकल ऑफिसर के लिए इंटरव्यू पर रोक लगा दी है. साथ ही शासन और एमपीपीएससी को नोटिस जारी कर 30 सितंबर तक इस संबंध में अपना जवाब पेश करने के लिए समय दिया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button