Gwalior: मोदी सरकार की इन नीतियों से हिन्दू-मुस्लिम के बीच शुरू हुई धार्मिक लड़ाई – Sharad Yadav

- पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव ने मोदी सरकार पर बोला बड़ा हमला
- सीएए विरोधी रैली में हिस्सा लेने पहुंचे थे ग्वालियर
- हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एक प्रकार की धार्मिक लड़ाई शुरू हो गई है
- एक प्रकार से हमारा संविधान खतरे में है
मध्यप्रदेश/ग्वालियर – लोकतांत्रिक जनता दल के मार्गदर्शक और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव सीएए विरोधी रैली में हिस्सा लेने ग्वालियर पहुंचे थे। जहां उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) को लेकर मोदी सरकार का घेराव किया। शरद यादव ने कहा कि ये कानून लागू होने से मुसलमानों के साथ दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और यहां तक कि सवर्ण समाज के हित सुरक्षित नहीं रहेंगे।
शरद यादव ने कहा कि, ‘‘एक प्रकार से संविधान खतरे में हैं। केंद्र सरकार का दिमाग केवल इसी में है कि सांप्रदायिक राजनीति करें, धर्मों को लड़ाओ और झूठ फैलाओ। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से बीजेपी (BJP) नीत केंद्र सरकार केवल अनुच्छेद 370, घर वापसी, गाय, समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे मुद्दे ही उठा रही हैं। जबकि देश के सामने बेरोजगारी, आर्थिक मंदी जैसे बड़े मुद्दे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की इन नीतियों से हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एक प्रकार की धार्मिक लड़ाई शुरू हो गई हैं।
शरद यादव ने आगे नोटबंदी और जीएसटी जैसे मुद्दे को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से वैसे ही लोगों की कमर टूट गई हैं। किसान और युवा परेशान हैं। देश की सभी संस्थाओं को खत्म किया जा रहा हैं। ऊपर से सीएए जैसे कानून बनाकर सरकार संविधान के विपरीत काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार भले ही जीडीपी के 4.5 प्रतिशत होने का दावा करे, लेकिन यह गिर कर दो पर आ गई हैं। सरकार को जल्द ही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कोई ठोस कदम उठाने चाहिए।


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