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कोरोना से हुई मौतों में दो अलग-अलग मिल रहे हैं सरकारी आंकड़े, सार्थक पोर्टल पर कुछ, बुलेटिन में कुछ

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लेखक: thelokniti
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कोरोना से हुई मौतों में दो अलग-अलग मिल रहे हैं सरकारी आंकड़े, सार्थक पोर्टल पर कुछ बुलेटिन में कुछ

कोरोना से हुई मौतों में दो अलग-अलग मिल रहे हैं सरकारी आंकड़े, सार्थक पोर्टल पर कुछ बुलेटिन में कुछ

 

भोपाल:- मध्यप्रदेश में अब सरकारी पोर्टल और बुलेटिन में ही दो अलग-अलग आंकड़े जारी किए जा रहे हैं. सार्थक पोर्टल पर मौत की संख्या ज्यादा है तो बुलेटिन में बेहद कम दिखाई जा रही हैं.

 मध्य प्रदेश सरकार अब यह बात कहने लगी है कि संक्रमण में गिरावट हो रही है पर अगर जमीनी हालात देखेंगे तो अभी भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. ऑक्सीजन, दवाएं, बेड इत्यादि के लिए मारामारी है. अस्पताल के बाहर परिजनों की परेशानी इस बात का सबूत है कि मध्य प्रदेश सरकार अपने सभी बड़े दावे में फेल हो रही है.

 जो अलग-अलग सरकारी आंकड़े जारी हो रहे हैं उसमें हैरानी की बात यह है कि इसमें 10 गुना अंतर है. सरकारी और निजी अस्पतालों के संचालक अपने यहां मौत हुई मौतों के आंकड़े को एनएचएम के पोर्टल पर भेजते हैं.

 पर जो आंकड़े स्वास्थ्य संचालनालय द्वारा जारी किए जा रहे हैं उसमें मौत के आंकड़े को बेहद कम दिखाया जा रहा है.

 दैनिक भास्कर में जारी एक रिपोर्ट के माध्यम से इसकी जानकारी सामने आई है. सार्थक पोर्टल की डेथ रिपोर्ट और हेल्थ बुलेटिन के आंकड़े काफी अलग है. यानी कह सकते हैं कि स्वास्थ्य संचालनालय के अफसर आंकड़े छुपा रहे हैं.

 अगर हेल्थ बुलेटिन द्वारा जारी आंकड़ों से स्थिति को समझें तो 30 अप्रैल से 12 मई तक भोपाल में 81 कोविड-19 है लेकिन सार्थक पोर्टल यह बात कह रहा है कि इन दिनों 883 मौतों की जानकारी अस्पतालों ने भेजी है. 30 अप्रैल से 12 मई के बीच चार अस्पतालों में ही 444 लोगों की मौत हो गई. सबसे ज्यादा 179 हमीदिया और 150 मौतें एम्स में हुई.

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