सरकारी खज़ाना खाली, 1 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ लेने की तैयारी, 10 माह के कार्यकाल में 17,500 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी हैं सरकार

मध्यप्रदेश/भोपाल – प्रदेश की शिवराज सरकार लगातार क़र्ज़ में डूबी हुई हैं। कोरोना संक्रमण के कारण बीते कुछ महीनों से आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ चुकी हैं। जिसको जगाने के लिए सरकार क़र्ज़ का सहारा ले रही हैं। इसी सिलसिले में अब सरकार एक बार फिर करीब एक हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही हैं।
बता दे कि शिवराज सरकार अपने 10 माह के कार्यकाल में 17,500 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी हैं। इस तरह मप्र सरकार पर कुल कर्ज का बोझ 2 लाख 8 हजार करोड़ रुपए हो चुका हैं। सरकार मार्च 2021 तक 1373 करोड़ रुपए का कर्ज और ले सकती हैं। वित्त विभाग ने 1 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया हैं।
यह इस नए साल का पहला कर्ज़ होगा। वहीं, कर्ज़ लेने की वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कई वजह गिनाई। जगदीश देवड़ा ने कहा कि कर्ज़ लेना एक निरंतर प्रक्रिया है क्योंकि चिकित्सा, शिक्षा, कृषि, आपदा जैसी चीजों पर खर्च होता हैं। हमारी सरकार किसानों, गरीबों और आम आदमी सभी का ध्यान रखती हैं। कई जन हितैषी योजना हम चला रहे हैं। बजट में सभी का ध्यान रखा जाएगा। संबल जन हितैषी योजना हैं। इससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक को लाभ पहुंचेगा।
गौरतलब है की कर्ज़ लेने का ये पिछले साल अप्रैल से लेकर अब तक 18वां मौका हैं। इससे पहले 20 दिसंबर को 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज खुले बाजार से लिया गया था।
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