"रेल रोको आंदोलन" कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन…

“रेल रोको आंदोलन” कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन…
नई दिल्ली/राजेश्वरी शर्मा: सरकार और किसानों की लड़ाई में अब एक और कड़ी जुड़ने जा रही है। जहां एक तरफ किसानो और सरकार के मध्य विवाद थमने का नाम नही ले रहा, वहां दूसरी तरफ़ किसानों का आंदोलन और उग्र होने की तैयारी में नज़र आ रहा है। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे किसान संघो की संस्था संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने पिछले हफ्ते ही किसान कानूनों को निरस्त किए जाने की अपनी मांग के लिए रेल रोको अभियान की घोषणा की थी। मोर्चा ने कहा था कि देश भर में गुरुवार को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक रेल रोको अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक रेल रोकी जाएगी। यह आंदोलन केंद्र के 3 कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसान द्वारा किया जाएगा।
रेलवे द्वारा सुरक्षा के इंतजाम- रेलवे ने सुरक्षा के पूरे इंतेज़ाम किये है तो हरियाणा में पुलिस द्वारा पूरी सतर्कता बरती जा रही है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट को भी प्रशासन द्वारा नियुक्त किया गया है।रेलवे ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए देश भर में रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) की 20 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया है। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरूद्ध में गुरुवार को किसानों की ओर से रेल रोको अभियान चलाया जाएगा। रेलवे द्वारा पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) के करीब 20,000 कर्मियों को तैनात किया गया है…
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक अरुण कुमार ने बुधवार को कहा “मैं हर किसी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूँ।” हम जिला प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखेंगे और जगह जगह नियंत्रण कक्ष बनाएंगे। महानिदेशक अरुण कुमार ने यह भी कहा कि “हम चाहते हैं यात्रियों को किसी तरह की असुविधा ना हो, चार घंटे के आंदोलन को लेकर चाहते हैं यह रेल रोको आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चले।”
रेल रोको अभियान के चलते फतेहाबाद में भी पुलिस के द्वारा 4 डीएसपी, 10 एसएचओ और करीब 500 पुलिस कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात किये गए है। और किसी भी प्रकार के उपद्रव से निपटने के लिए पुलिस की और से पूरी तैयारी की गई है।
रेल रोको कार्यक्रम की वजह-
जैसा कि हम सभी जानते है कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों में आक्रोश जम कर भरा हुआ है। किसानो के रेल रोको आंदोलन की मुख्य वजह लोगो से समर्थन पाने की है। वह इस प्रकार आमजम से समर्थन की अपील कर रहे है।
इस बीच मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चादुनी ने कहा था कि किसान संगठन चुनावी राज्य बंगाल में सभाएं करेंगे और संकेत दिया कि वे वहां के लोगों से उन लोगों को वोट ना देने के लिए कहेंगे जो हमारी आजीविका छीन रहे है।
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