अल्ट्राटेक, माईसेम सीमेंट की बोरी में धूल और राख, नकली सीमेंट की फैक्ट्री पकड़ाई…

अल्ट्राटेक, माईसेम सीमेंट की बोरी में धूल और राख..
नकली सीमेंट की फैक्ट्री पकड़ाई
भोपाल/राजेश्वरी शर्मा: भोपाल के अशोका गार्डन के एकतापुरी ग्राउंड में चल रही नकली सीमेंट की फैक्ट्री पकड़ाई। एकतापुरी ग्राउंड में नकली सीमेंट बनाने का कारखाने चल रहा था। यहां पर बड़ी-बड़ी कंपनियों की एक्सपायर्ड सीमेंट को लाया जाता था। जिसमें और राख और धुल का मिश्रण किया जाता था। यही नहीं कारखाने के संचालक ने बड़ी-बड़ी कंपनियों की बोरियों में नकली सीमेंट धूल और राख के साथ मिलाकर बेची थी।…
आरोपी, कंपनियों के डीलर और निशातपुरा रेलवे गोदाम से निकलने वाली वेस्ट को 30 से 50 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से खरीदते थे। इसे मार्केट में 200 से 250 रुपए में बेचा जाता था। यही सीमेंट मार्केट में 300 से 350 रुपए में मिल रही थी।
यहां ग्राइंडर की मदद से एक्सपायर्ड या भीगी खराब सीमेंट को बारीक कर ब्रांडेड बोरियों में रि-पैककिया जा रहा था।
वैसे तो यहां 56 बोरी अल्ट्राटेक सीमेंट के साथ अन्य कंपनियों की खाली बोरियां मिली है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि नाजाने कितनी और बोरिया कहां कहां तक पहुंचाई गई होगी।
ऐसी न जाने कितने छोटे व बड़े प्रोजेक्ट में यह नकली सीमेंट की बोरियों को काम में लिया गया होगा।
तो क्या अब सरकार की इन नजरअंदाजगियों का भुगतान आमजन को करना होगा?
इस मामले में एसपी राजेश भदौरिया ने बताया कि बिलाल खान ने शहर और आसपास के जिलों में एजेंट बना कर रखे हैं। आपको बता दें कि कारखाने के संचालक बिलाल खान फरार है। शहर और आसपास के जिलों के एजेंट सस्ते दाम में यहां से बोरियां मार्केट में सप्लाई करने का काम करते है।
इस
मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि सिर्फ 3 दिन के भीतर 1000 बोरियां तैयार की गई है, पिछले नाजाने कितने दिनों से इसी प्रकार का काम चल रहा होगा… फैक्ट्री को तोड़ने के लिए नगर निगम को लिखा गया है।
ऐसे न जाने कितने निकली कारखाने होंगे जहां से नकली सीमेंट बेची जा रही होगी। और ना जाने कितने छोटे और कितने बड़े कामों के लिए सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा होगा।
अगर यह मामले को गंभीरता से देखा जाए तो सरकार की नज़रन्दाज़गी का शिकार आमजन हो रहे है।
ऐसे और कारखानों को ढूंढने और उनपर कड़ी कार्रवाई करने की सक्त ज़रूरत है।



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