बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों ने की हड़ताल, राजस्व वसूली रही ठप, इन मांगो को लेकर किया प्रदर्शन…

- 35 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने की अनिश्चितकालीन हड़ताल
- अप्रैल महीने के बाद से ही नहीं कराया पीएफ जमा
भोपाल/निशा चौकसे:- मध्यप्रदेश में बिजली कंपनी के करीब 35 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. इसकी वजह से भोपाल समेत प्रदेश में कहीं बिजली आपूर्ति बाधित या ठप होने की स्थिति तो नहीं बनी, लेकिन सीधा असर बिजली कंपनियों के राजस्व वसूली पर पड़ा है. भोपाल-इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत सभी जिलों में प्रदर्शन किया जा रहा है. बता दें कि विभाग में पिछले 30 साल से कर्मचारियों की भर्ती नहीं की गई है. आउटसोर्स कर्मचारियों से ही काम लिया जा रहा है, लेकिन ठेकेदार की मनमानी से वे परेशान हैं. भोपाल में तो अप्रैल महीने के बाद से ही पीएफ का पैसा जमा नहीं कराया गया है. वहीं कर्मचारियों की तंख्वाह में से मनमानी राशि भी काटी जा रही है. इसे लेकर समय-समय पर सीएम, मंत्री और अफसरों से मांग की गई. इसके बावजूद भी कोई हल नहीं निकाला गया.
इन मांगो को लेकर कर रहें हैं हड़ताल
- कर्मचारियों की मांग है कि आउटसोर्स कंपनियों को खत्म करे. कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन दें. प्रशिक्षण की सुविधा हो. भले आउटसोर्स पर रखें, लेकिन बिजली कंपनी ही नियुक्ति हैं.
- आउटसोर्स कर्मचारियों के नाम पर जिन आउटसोर्स कंपनियों को सुविधा शुल्क का भुगतान किया जा रहा है, उसका लाभ सीधे आउटसोर्स कर्मचारियों को दिया जाए.
- जिन कर्मचारियों की पूर्व के वर्षों में विद्युत लाइन में सुधार कार्य करते समय मौतें हुई हैं, उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए. उनके परिवार के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। उनके बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी ली जाए.
- वसूली की जिम्मेदारी नियमित अधिकारी व कर्मचारियों की होती है, जबकि उसका लक्ष्य आउटसोर्स कर्मचारियों को दिया जाता है। पूरा नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी दी जा रही है. इस व्यवस्था को खत्म करे.
- पूर्व के सालों में आउटसोर्स कंपनियों द्वारा रोके गए वेतन, बोनस का भुगतान कराया जाए. इन कंपनियों पर जुर्माना भी लगाया जाए और उसकी वसूली करके बिजली कर्मियों को वितरित किया जाए.
- मैदानी स्तर पर काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली जाए. उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराएं जाएं.
- आउटसोर्स कर्मचारियों से मूल काम छोड़कर सब स्टेशन व फीडर परिसर की साफ-सफाई कराई जाती है। इसे भी बंद किया जाए.




