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MP:- सरकार के लिए चुनाव बेहद ज़रूरी, फालेन आउट अतिथि विद्वान क्यों नहीं?

 MP:- सरकार के लिए चुनाव बेहद ज़रूरी, फालेन आउट अतिथि विद्वान क्यों नहीं?

 

भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:- मध्यप्रदेश में दमोह में उपचुनाव पर पूरी भाजपा सरकार फोकस कर रही है.फालेन आउट अतिथि विद्वान परेशान है.पर इनकी कोई भी सुध नहीं ले रहा है. बीते करीब डेढ़ साल से फालेन आउट अतिथि विद्वान सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उनकी सेवा में बहाल की जाए और साथ ही नियमितीकरण की भी मांग कर रहे हैं.

 अभी तक लगभग 450 से 500 अतिथि विद्वान सेवा से बाहर है. आर्थिक समस्याओं से जूझते हुए कई अतिथि विद्वान थक चुके और उन्होंने आत्महत्या कर ली.

 हाल ही में एक अतिथि विद्वान ने अपनी आर्थिक संकट से जूझते हुए फांसी पर झूल गया. पर शिवराज सरकार का ध्यान इस तरफ बिल्कुल नहीं है.

 बार-बार फॉलेन आउट अतिथि विद्वानों को बरगलाने की कोशिश की जा रही है. मंत्री यह बात कहते हैं कि सब कुछ सीएम शिवराज के हाथ में है. और जब तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आता तब तक कुछ नहीं हो सकता है.

सीएम शिवराज ने फॉलेन आउट अतिथि विद्वानों के मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है. अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ सुरजीत भदौरिया ने कहा कि हम सरकार से लगातार गुहार लगा रहे हैं. एक एक कर आत्महत्या करने को फॉलेन आउट अतिथि विद्वान मौजूद है.

 लेकिन सरकार हमारी बिल्कुल भी सुध नहीं ले रही है.

 हाल ही में फालेन आउट महिला अतिथि विद्वानों ने एक वीडियो जारी कर सीएम शिवराज सिंह चौहान को आधुनिक भगवान का दर्जा दिया था.

 सीएम के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा था कि आप इस वक्त हमारे आधुनिक भगवान हैं. शिवराज सिंह चौहान अतिथिविद्वानों के मुद्दे पर अगर कोई बात होती है तो जवाब देने से बचते नजर आते हैं.

 देखना होगा कि आगे आने वाले समय में अतिथि विद्वानों को और कितना इंतजार करना है.

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