शहडोल में ऑक्सीजन की कमी के चलते ही हुई थी कोरोना मरीजों की मौत, शिवराज के मंत्री ने बताई सच्चाई

मध्यप्रदेश/भोपाल – सोमवार को कोरोना के मौजूदा हालातों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इस दौरान खुद सरकार ने मंत्रियों ने ये बात मानी के ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी हो रहीं हैं।
मालूम हो कि दो दिन पहले ही शहडोल में ऑक्सीजन की कमी से 12 कोविड मरीजों की मौत हो गई थी। यह घटना शहडोल मेडिकल कॉलेज में हुई थी। इन 12 मौतों की पुष्टि शहडोल के अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने भी की थी। जानकारी के मुताबिक, ऑक्सीजन का प्रेशर शनिवार रात 12 बजे अचानक कम हो गया। इसके बाद मरीज तड़पने लगे। परिजन मास्क दबा कर उन्हें राहत देने की कोशिश करते रहे, लेकिन वे नाकाम रहे। इसके बाद सुबह 6 बजे तक भी स्थिति नहीं संभली और 12 मरीजों ने दम तोड़ दिया।
बता दे कि राज्य सरकार भले ही यह दावा करे कि मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे जुदा हैं। खुद सरकार के खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने बताया कि शहडोल के सरकारी अस्तपाल में कोरोना मरीजों की मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई हैं।
मंत्रालय सूत्रों ने बताया, बैठक में शहडोल के सरकारी अस्पताल में हुई मौतों को लेकर जिले के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री बिसाहूलाल साहू ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। ऐसे में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा, यहां 16 मरीजों की मौत ऑक्सीजन की कमी से ही हुई है, जबकि शहडोल मेडिकल कॉलेज के डीन ने इससे इंकार कर दिया था।
इसी तरह इंदौर के प्रभारी और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी हो रही है। सतना-रीवा के प्रभारी मंत्री रामखिलेवान पटेल ने भी ऑक्सीजन की कमी होने की जानकारी दी।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के कई जिलों में कोरोना से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अस्पतालों में बेड सहित ऑक्सीजन की भारी कमी देखी जा रही हैं। इतना ही नहीं इन सबके साथ साथ जीवनरक्षक माना जा रहा रेमडेसिविर इंजेक्शन की भी भारी कमी देखी जा रहीं हैं। कई मरीज़ ऑक्सीजन की कमी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकी कई नए मरीज़ो को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं।




