भोपाल:- वैक्सीनेशन में बड़ा फर्जीवाड़ा, डेटा ही हो गया गायब, दूसरे डोज़ के लिए भटक रहे लोग
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भोपाल:- वैक्सीनेशन में बड़ा फर्जीवाड़ा, डेटा ही हो गया गायब, दूसरे डोज़ के लिए भटक रहे लोग
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है. पहले डोज़ लगवा चुके लोगों के डेटा ही गायब हो गए हैं. जिसकी वजह से अब वह दूसरे दोस्त के लिए भटक रहे हैं बताते चलें कि मध्यप्रदेश में कोरोना वैक्सीन की लगातार किल्लत होती रही है.
पिछले दिनों हुए स्वास्थ्य विभाग की बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी ने कहा कि हमारे पास 40000 लोगों का डाटा मौजूद नहीं है. जिन्होंने पहले फेज में वैक्सीन लगवाई थी और यही कारण है कि इनकी डिटेल्स Cowin पोर्टल पर अपडेट नहीं किए गए हैं जिसकी वजह से इन्हें दूसरे डोज़ के लिए मैसेज नहीं गए.
अब स्वास्थ्य विभाग की गलतियों का खामियाजा जनता भुगत रही है. लोग दूसरे डोज़ के लिए भटक रहे हैं पर अभी तक उनके पास कोई डिटेल्स नहीं आई है कि उनका डाटा कब तक अपडेट होगा. हालांकि अभी तक इस बारे में कोई भी स्वास्थ्य अधिकारी खुलकर बात करने को सामने नहीं आ रहा. हर अधिकारी यही बात कह रहे हैं कि बहुत जल्द सभी का डाटा कंप्यूटर में फीड कर दिया जाएगा. लेकिन कब तक होगा इसकी स्थिति कोई भी साफ नहीं कर रहा है.
वैक्सीनेशन को लेकर लोगों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है मध्यप्रदेश में अभी तक कई जगहों पर वैक्सीन सेंटर नहीं बने हैं. सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना 18 से अधिक उम्र के लोगों को करना पड़ रहा है. लोगों को वैक्सीन के लिए अपॉइंटमेंट नहीं मिल रहे. वही 45 साल से ज्यादा के लोग भी काफी परेशान है और इसकी मुख्य वजह है कि मध्य प्रदेश में पर्याप्त वैक्सीन नहीं है.
इस पूरे मामले में नगर निगम की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है. ऐसी बातें कहीं जा रही है कि नगर निगम ने सही तरीके से डाटा अपलोड नहीं किया. स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर निगम ने भी दूसरे चरण में वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया शुरू की थी. इस सेंटर पर जो लोग वैक्सीन लगवाने गए थे उनका आधा अधूरा डाटा नगर निगम में अपलोड किया है जिसकी वजह से इस तरह की परेशानी सामने आ रही है.
सरकार ने चाहे जारी की हो हेल्प लाइन नंबर पर नहीं मिलती है मदद:-
मध्य प्रदेश सरकार ने चाहे वैक्सीनेशन के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया हो पर कोई भी मदद नहीं मिलती है, 1075 के अलावा भोपाल में दो लैंडलाइन नंबर जारी किए गए हैं लेकिन इन दोनों नंबरों पर कभी रिंग नहीं जाता है.
सरकार वैक्सीनेशन को लेकर बड़े-बड़े दावे करती हैं सरकार यह बात कहती है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में लगातार सुधार होती रही है.कोरोना मरीजों की संख्या में भी कमी आ रही है. इसके साथ ही रिकवरी रेट में भी इजाफा हुआ है. पर अगर जमीनी हकीकत देखेंगे तो सरकार की सारी बातें झूठी नजर आएंगी




