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खतरनाक Coronavirus : पाया गया नया वैरियेंट, MP में सरकार अलर्ट पर, उठे सवाल 

नई दिल्ली/खाईद जौहर – खतरनाक कोरोनावायरस का खौफ अभी खत्म नहीं हुआ हैं। इस बीच ब्रिटेन में कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन VUI-202012/01 मिला हैं। इसे बेहद संक्रामक बताया जा रहा हैं। कोरोना के नए संक्रामक स्ट्रेन ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। वायरस का यह नया स्वरूप 70 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है, यद्यपि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे कोई साक्ष्य नहीं हैं कि यह ज्यादा जानलेवा है या टीके को लेकर यह अलग तरह की प्रतिक्रिया देगा। 

इंपीरियल कॉलेज लंदन के डॉ. एरिक वोल्ज कहते हैं, यह बताना अभी वास्तव में काफी जल्दी होगा, लेकिन हमने अब तक जो देखा है उसके मुताबिक यह बहुत तेजी से बढ़ रहा है, यह पहले वाले (वायरस के पूर्व स्वरूप) की तुलना में बेहद तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इस पर नजर रखना महत्वपूर्ण हैं। 

यूके के चीफ साइंटिफिक एडवाइज़र पैट्रिक वॉलेंस ने बताया है कि 'वायरस का यह नया वेरिएंट बस बहुत जल्दी मूव ही नहीं करता, बल्कि इसके फैलने की क्षमता भी ज्यादा हैं। संक्रामक की क्षमता के मुकाबले में यह वेरिएंट पुराने सारे वेरिएंट और टर्म को पीछे छोड़ रहा हैं। तो यह वायरस बहुत तेजी से फैल रहा हैं। 

मध्यप्रदेश सरकार ने अधिकारियों को कर दिया अलर्ट

इधर, ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के मद्देनजर मध्य प्रदेश में सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अलर्ट कर दिया हैं। मालूम हो कि बीते 24 घंटों में प्रदेशभर में कोरोना के 1035 नए संक्रमित मिले हैं। इसके बाद प्रदेश में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 232319 हो गई हैं। वहीं, संक्रमण से मरने वालों की संख्या 3490 पहुंची हैं।

भोपाल इंदौर में जारी है कोरोना का कहर 

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर में कोरोना का केहर अभी भी बना हुआ हैं। बीते 24 घंटे में भोपाल में 219 नए मामले सामने आए। इसके बाद शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 37497 हो गई हैं। शहर में अब तक कोरोना के 557 संक्रमित अपनी जान गवा चुके हैं। जबकि, शहर में अब भी 2222 एक्टिव केसेज हैं। इधर, इंदौर में 24 घंटों के दौरान 386 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इसके बाद शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 51949 हो गई है। जबकि, यहां संक्रमण का शिकार होकर अब तक 840 लोग जान गवां चुके हैं। यहां कुल 4078 एसेटिव केस हैं।

सितंबर में चल गया था नए स्ट्रेन का पता

खबरों की मानें तो नए स्ट्रेन का पता सबसे पहले सितंबर, 2020 में चला था, लेकिन नवंबर में लंदन में संक्रमण के एक चौथाई मामलों में इस वायरस से लोग संक्रमित हुए थे। वहीं, दिसंबर का मध्य आते-आते दो तिहाई मामलों में संक्रमण की वजह यही स्ट्रेन पाया गया।

उठा सवाल 

सवाल उठता है कि क्या कोरोना वैक्सीन इस नए स्ट्रेन को रोक पाने में सफल होगा? क्या नए वेरियंट के आने के बाद खतरा और ज्यादा बढ़ गया है?

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