दैनिक भास्कर को क्यों लेना पड़ रहा है फ़र्ज़ी खबरों का सहारा ??

दैनिक भास्कर को क्यों लेना पड़ रहा है फ़र्ज़ी खबरों का सहारा ??
भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव :-आज दैनिक भास्कर में एक खबर प्रमुखता से छापी गई,जिसमे यह बात कही गई थी कि जेपी के covid वार्ड में आधी रात में ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था बिगड़ जाने की वजह से दो लोगों की मौत हो गई. जेपी हॉस्पिटल के कोरोना वार्ड में गुरुवार को दो मौत का मामला सामने आया. मृतकों में शामिल भानपुर की कल्याण नगर की 50 वर्षीय रामरति अहिरवार कोरोनावायरस यू में भर्ती थी जबकि दूसरे मरीज सीबी मेश्राम कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती थे, मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया था कि रात में ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई जिसके कारण मरीजों की जान चली गई.
इस पूरे आरोपों पर जे पी के सिविल सर्जन डॉ राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि ऑक्सीजन सप्लाई नहीं रुकी थी दोनों मरीजों की हालत काफी गंभीर थी.

इस पूरे मामले को एक स्थानीय अखबार दैनिक भास्कर ने बड़ी प्रमुखता से प्रथम पृष्ठ पर छापा. और यह बात कही गई कि “बेशर्म सिस्टम ने सांसे रोकी….. जेपी के कोविड-19 रात ऑक्सीजन सप्लाई अटकी, 2 मरीजों की मौत…”

जिसके बाद अब डायरेक्टरेट आफ हेल्थ सर्विसेज ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस बात की पुष्टि ना करते हुए यह जानकारी दी कि समाचार पत्रों में जयप्रकाश चिकित्सालय में ऑक्सीजन की कमी की खबरें प्रकाशित हुई हैं जो पूर्णतः असत्य हैं। अस्पताल में 100 से भी अधिक आक्सीजन सिलेंडर्स कोविड मरीजों के लिए निरंतर उपलब्ध हैं।
सिविल सर्जन, जे पी चिकित्सालय
शासकीय जयप्रकाश अस्पताल के संबंध में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर को लेकर वस्तु स्थिति






