कांग्रेस विधायक का विवादित बयान, कहा पीड़ित किसानों को नहीं मिला न्याय तो विधानसभा में जला देंगे संविधान की प्रति, मामला दर्ज..

श्योपुर:- संविधान जलाने की धमकी देने वाले कांग्रेस विधायक बाबूलाल जंडेल के इस विवादित बयान पर बड़ी कार्यवाही की गई है. उन्होंने एक विवादित बयान दिया है इस विवादित बयान पर गुरुवार को पुलिस ने जंडेल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. दरअसल, मामला यह है कि कांग्रेसी विधायक ने बुधवार को श्योपुर में आपत्तिजनक बयान दिया था. उन्होंने जिले में पिछले दिनों हुई बारिश से खराब हुई फसल को लेकर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कहा कि यदि पीड़ित किसानों को न्याय नहीं मिला तो वह मध्यप्रदेश विधानसभा में संविधान के प्रति जलाएंगे. इसके बाद विधायक बाबूलाल जंडेल ने यू-टर्न ले लिया गुरुवार को उन्होंने उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया. ज्ञापन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक जंडेल ने कहा था कि यदि पीड़ित किसानों को न्याय नहीं मिला तो वह विधानसभा में संविधान की प्रतियां जलाएंगे.
इस बयान पर गृहमंत्री ने कही ये बात
गृहमंत्री ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर के बनाए गए संविधान का अपमान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. विधायक जंडेल के खिलाफ राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जहां शाम को ही विधायक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया इस मामले में विधायक को कम से कम 3 साल की सजा हो सकती है.
इससे अच्छा तो अंग्रेजों का जमाना था: विधायक जंडेल
वायरल वीडियो में कांग्रेस विधायक कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उनके पास तीन हजार शिकायतें आई हैं. वे इन्हें विधानसभा में भी ले जाएंगे. संविधान को मुख्यमंत्री के सीने पर फेकेंगे. भ्रष्टाचार से नाराज होकर उन्होंने यह भी कह दिया कि इस संविधान को वे विधानसभा में जला देंगे. जंडेल यहीं नहीं रुके बल्कि आज के भ्रष्टाचार पर कहा कि इससे तो अंग्रेजों का जमाना अच्छा था. अंग्रेजों के जमाने में भ्रष्टाचार कम था और तब इसको लेकर लोगों में शर्म थी। आज तो सरेआम भ्रष्टाचार हो रहा है. कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने महावीर सिंह सिसौदिया नाम के व्यक्ति को केंद्रीय मंत्री तोमर का समर्थक बताया. कहा कि वह मनमाने ढंग से मुआवजा करा रहा है. इन जैसे समर्थक ही मंत्री तोमर को न तो गांव तक पहुंचने देते हैं और न किसानों से मिलने देते हैं. इसलिए उन्हें सही स्थिति पता नहीं चल पा रही है. उन्होेंने कहा कि मंत्री इनसे घिरे रहते हैं तो मुलाकात भी नहीं हो पाती है.


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