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सिंधिया समर्थक मंत्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा यह बजट सत्र! घेरे में लेगी कॉन्ग्रेस, यह होंगे बड़े मुद्दे

बजट सत्र में सिंधिया समर्थकों को घेरे में लेगी कॉन्ग्रेस, यह होंगे बड़े मुद्दे

भोपाल/गरिमा श्रीवास्तव:-  मध्य प्रदेश में आज से विधानसभा सत्र शुरू हो गया है बिना किसी विरोध के भाजपा के वरिष्ठ नेता और रीवा से विधायक गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष चुना गया है. बता दें कि कल भाजपा के नेता गिरीश गौतम ने विधानसभा अध्यक्ष के लिए नामांकन किया था तो वहीं कांग्रेस की तरफ से किसी ने भी नामांकन नहीं भरा.
 इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस विधायक दल आमने-सामने होंगे इसके तहत कांग्रेस ने कई मुद्दों पर भाजपा को घेरने की तैयारी भी की है..
 इस बार तो सबसे ज्यादा कांग्रेस चंदिया समर्थकों को घेरने की तैयारी में है
 ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मंत्रियों के लिए इस बार के विधानसभा सत्र में ज्यादा चुनौती हो सकती है.

 कांग्रेस सबसे पहले सत्र में उठाएगी किसान,कोरोना और खनन के मुद्दे :-

 किसान स्वास्थ्य कोरोना, अर्थव्यवस्था, उद्योग धंधे महिला अपराध,अवैध रेत खनन सहित अन्य मुद्दों पर कांग्रेस सरकार का घेराबंदी करेगी. मध्य प्रदेश में अपराध चरम पर है.  राजधानी भोपाल में महिला अपराध की कई घटना लगातार सामने आती जा रही है. तो वहीं दूसरी तरफ माफिया भी चरम पर है. शिवराज सिंह चौहान अपने भाषण में कहते हैं कि मध्यप्रदेश के माफियाओं को टांग दूंगा, लटका दूंगा पर इनकी बातें सिर्फ भाषण तक ही सीमित रह जाती हैं. माफिया इस तरह से बेखौफ हो गए हैं कि वह सुरक्षाकर्मियों पर भी हमला कर दे रहे हैं हाल ही में एक वनरक्षक पर  माफियाओं ने गोली चलाई.

 विंध्य से तीन चेहरे के अध्यक्ष पद के दावेदार,पर गौतम ही क्यों?

 विंध्य से तीन चेहरे अध्यक्ष पद के दावेदार थे जिसके बाद कल गिरीश गौतम ने भाजपा की तरफ से नामांकन दर्ज किया. और आज उन्हें निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुन लिया गया
 अध्यक्ष पद के दावेदार में राजेंद्र शुक्ल भी थे. पहले वह मंत्री बनना चाहते थे मंत्री ना बनने की स्थिति में अध्यक्ष पद की दावेदारी में प्रमुख हो गए लेकिन संगठन उनके नाम पर सहमत नहीं था केदार शुक्ला पर भाजपा संगठन में भरोसे का संकट रहा. इसीलिए गिरीश गौतम के नाम पर मुहर लग गई

  राजेंद्र शुक्ला को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती हैं.
 विधानसभा उपाध्यक्ष पद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप :-
 इस विधानसभा सत्र से पहले विधानसभा उपाध्यक्ष पद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि वर्षों से विधानसभा अध्यक्ष पद सत्तापक्ष को व उपाध्यक्ष का पद विपक्ष को देने की चल रही परंपराओं को भाजपा ने तोड़ा है निर्णय किया है कि संसदीय परंपराओं में हमारे विश्वास के संकल्प के अनुरूप अध्यक्ष पद के निर्वाचन में पूर्ण सहयोग करेंगे
 घेराबंदी पर कमलनाथ ने कहा कि मोदी सरकार 3 काले कानून लेकर आई है या किसानों और कृषि क्षेत्र को बर्बाद कर देंगे युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही है महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है पर जनहित केंद्र सारे मुद्दों को कांग्रेस उठाती रहेगी..
 सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है मोदी रोजगार दो :-
देश मे दिनो दिन बढ़ रही बेरोजगारी से परेशान युवाओं ने ट्विटर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रोजगार की मांग की। ‘मोदी रोजगार दो’ लोगो ने सरकार से सवाल किया कि 2 करोड़ रोजगार का वादा करके कहाँ चले गए। रोजगार मांगने वाले लोगो के साथ साथ विपक्ष ने भी सरकार को घेरा।

जैसे कि कोरोना संकटकाल के बाद देश मे जिस तरह बेरोजगारी बढ़ी है। आईएलओ के आकड़े के मुताबिक विश्व में औसत रोजगार दर 57 फीसदी है, वहीं भारत की औसत रोजगार दर 47 फीसदी है। आकड़ों के मुताबिक पड़ोसी देश पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश इस मामलों मे आगे हैं। पाकिस्तान और श्रीलंका का रोजगार दर क्रमश: पचास व इक्यावन फीसदी है। वहीं बांग्लादेश की रोजगार दर 57 फीसदी है।

आपको बता दें कि कोरोना संकटकाल के बाद भारत बस नही पूरा विश्व रोजगार के संकट से जूझ रहा है। सबसे विकसित देश अमेरिका तक में रोजगार जैसे संकट खड़े होना दर्शाता है कि अन्य देशो के क्या हालात होंगे। ऐसे में भारत देश में रोजगार के संकट खड़े होना लाजिमी है। पर इस मामले में सरकार के लिए कोरोना संकट तो महज एक बहाना है, देश मे पिछले 5 वर्षो से बेरोजगारी है और युवा दर-दर कि ठोकरे खा रहे हैं। फिर सरकार कोरोना का बहाना बता कर यह नही कह सकती कि रोजगार नही है। सरकार को रोजगार से गंभीर मुद्दे मे बात करना चाहिए, चूंकि रोजगार से जैसे मुद्दे मे बात न करके सरकार अपनी नाकामी को छिपाने में लगी है.

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