सतपुड़ा भवन में लगी आग पर कांग्रेस ने लगाए भाजपा पर बड़े आरोप, कहा- आग लगी या लगाई?

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सतपुड़ा भवन में एसी के कंप्रेशर के फटने से सोमवार शाम को लगी आग पर देर रात दिल्ली से आए वायुसेना के हेलीकॉप्टर और 30 से अधिक दमकलों की मदद से काबू पाया गया। सीएम शिवराज सिंह के निर्देश पर गठित अफसरों की टीम सतपुड़ा भवन में जांच के लिए पहुंची। जांच दल के सदस्य ACS होम राजेश राजौरा ने प्रारंभिक जायजा लिया है। वहीं मंगलवार सुबह सीएम हाउस में रिव्यू मीटिंग बुलाई गई। मुख्यमंत्री ने इस घटना को लेकर उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए। इस बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, मंत्री नरोत्तम मिश्रा, प्रभु राम चौधरी, जांच अधिकारी राजेश राजौरा, मो. सुलेमान, नीरज मंडलोई सहित सबंधित अधिकारी शामिल हुए।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सतपुड़ा भवन में आगजनी की घटना को लेकर सीएम हाउस में चल रही बैठक अब समाप्त हो गई है। इसी कड़ी में पूर्व सीएम और कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। पीसीसी चीफ ने कहा कि ये भ्रष्टाचार का उदाहरण है। प्रश्न ये है कि आग लगी या लगाई गई? अभी तक बताया गया 12 हजार फाइलें जली है। पता नहीं कितनी हजारों फाइलें जली है, उसका क्या लक्ष्य था, क्या उद्देश्य था। ये एक बहुत बड़ा भ्रष्टाचार का मामला है। इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि- सत्ता परिवर्तन की आहट जब होती है तो शासकीय कार्यालयों में आग लग जाती है। आग बुझाने के लिए सेना को और सभी को धन्यवाद। ऐसा पहले भी हुआ है, अजीब संयोग है, है ना?
इसी पर, गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि डिजिटल युग में दस्तावेज नष्ट करना संभव नहीं है। सभी विभाग के दस्तावेज डिजिटल रूप में हार्ड ड्राइव में उपलब्ध है। थोड़ा समय लगेगा जल्द पूरा बैकअप क्रिएट कर लिया जाएगा। सीएम शिवराज ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। आज शाम से कमेटी जांच शुरु कर देगी। कांग्रेस की साजिश के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि 4000 कर्मचारी वहां काम करते हैं कैसे कोई पेट्रोल केरोसिन ले जाएगा। कांग्रेस हादसों पर राजनीति करती है। आज शाम तक वैकल्पिक दफ्तर शुरू हो जाएंगे कल से कर्मचारी काम शुरू कर देंगे।
बैठक खत्म होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी ने कहा कि सीएम शिवराज ने हाई स्तरीय कमिटी गठित की है, जो इसकी पूरी जांच करेगा। कर्मचारियों के लिए पूरी तरह एक अल्टरनेटिव का इंतजाम किया जाएगा। वहीं कांग्रेस के आरोपों पर मंत्री प्रभुराम ने कहा- वहां पर कोई भी ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, जो इस तरह के काम किया जाये। कांग्रेस के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। दुर्घटनाओं पर राजनीति करना गलत है। वहां 4000 से भी ज्यादा कर्मचारी काम करते है, कोई इस तरह की साजिश क्यों करेगा। ज्यादातर दस्तावेज ऑनलाइन रूप से सुरक्षित है। पूरी राहत दी गई है। कर्मचारियों के कामकाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।


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