सभी खबरें

जबलपुर के थाना प्रभारी की सिंघम गिरी से आम जन है परेशान, क्षेत्र में बनाना चाहते हैं,अपना दबदबा।

जबलपुर/प्रियंक केशरवानी:- मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में कोतवाली थाना प्रभारी अनिल गुप्ता एक बार फिर चर्चा में अपनी सिंघम गिरी से क्षेत्रीय लोगों में दबदबा बनाना चाहते हैं.सिंघम बनने की तमन्ना किसी दिन शहर में बड़ा बवाल करा देगी, ऐसा ही कुछ बीती रात देखने को मिला है, जब थाना के सामने मुस्लिम वर्ग के लोग सीमित संख्या में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए पूजन पाठ कर रहे थे, बाहर शहनाई बज रही थी,तभी टीआई अनिल गुप्ता ने हमेशा की तरह पहुंचकर शहनाई वादक को पकड़कर थाना ले आए और गाली गलौज करना शुरु कर दीए टीआई अनिल गुप्ता की सिंघमगिरी से आक्रोशित लोगों ने थाना का घेराव कर प्रदर्शन शुरु कर दिया, देखते देखते सैकड़ों लोग एकत्र हो गए,भीड़ में खड़े लोगों का आरोप था कि टीआई अनिल गुप्ता मुस्लिम वर्ग के त्यौहार पर धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश कर रहे है।

बताया जाता है कि कोरोना संक्रमण काल के चलते इस वर्ष भी त्यौहार रैली व जुलूस निकालने पर प्रतिबंध है, जिसके चलते लोग अपने-अपने स्थान पर ही पूजन पाठ कर रहे है, पुलिस अधिकारियों की भी कोशिश है कि लोग धार्मिक भावनाओं के साथ त्यौहार मनाए,आईजी से लेकर एसपी तक के प्रयास भी यही है वे भी लोगों में सामन्जस्य बिठाकर काम कर रहे है लेकिन कोतवाली थानाप्रभारी अनिल गुप्ता अधिकारियों के प्रयासों पर भी पानी फेर रहे है।

वहीं क्षेत्रीय लोगों का आरोप था कि कोतवाली थानाप्रभारी अनिल गुप्ता चर्चाओं में बने रहने के लिए ऐसे काम करते है जिससे तनावपूर्व वातावरण निर्मित हो, वे बड़े अपराध व बड़े अपराधी पकडऩे में भले ही नाकाम रहते हों लेकिन थाना के सामने बैरीकेट लगाकर चैकिंग के नाम पर आम जनता को रोककर परेशान करना, दुकानों को बंद कराते हुए उनके साथ गाली गलौज करना उनके खास शौक में शामिल है.फल, सब्जी, चाट के ठेले वालों को खदेडऩा, उनपर चालानी कार्यवाही करना विशेष शौक है, इस तरह के कार्याे से वे चर्चाओं में बने रहना चाहते है. जबकि क्षेत्र में बड़ी बड़ी अपराधिक वारदातें हो जाती है, उनके आरोपी आज तक नही पकड़े गए, इस बात से उन्हे कोई फर्क नही पड़ता है।

साथ ही लॉकडाउन के दौरान कोतवाली थानाप्रभारी अनिल गुप्ता ने बड़ा फुहारा व निवाडगंज क्षेत्र के व्यापारियों के साथ भी तानाशाह पूर्ण रवैया अपनाया था, जिसके चलते व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग आक्रोशित हो गया था, जिसने विरोध कर प्रदर्शन किया था, तनावपूर्ण हालात को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा था. लेकिन उनके खिलाफ़ किसी भी प्रकार की कार्यवाई नही की गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button