कलेक्टर ने मत्स्य बीज परिक्षेत्र, मछली पालन केंद्र, गौशाला तथा कुंदा की पहाड़ी का किया निरीक्षण

कलेक्टर ने मत्स्य बीज परिक्षेत्र, मछली पालन केंद्र, गौशाला तथा कुंदा की पहाड़ी का किया निरीक्षण

कलेक्टर ने मत्स्य बीज परिक्षेत्र, मछली पालन केंद्र, गौशाला तथा कुंदा की पहाड़ी का निरीक्षण किया


धार/ मनीष आमले:-  कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने आज विकासखंड उमरबन के ग्राम साकल्दा में बने शासकीय मत्स्य बीज परिक्षेत्र का निरीक्षण कर यहाँ की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सन्तोष वर्मा साथ थे।  कलेक्टर को बताया गया है कि यहाँ पर अभी फिलहाल 4.50 करोड़ स्पॉन तथा 25 लाख फ्राय मोजूद है। कलेक्टर ने यहां मछली के अंडे की खरीदी के बारे में पूछा। पूछा कि पोंड में ऑक्सीजन केसे दे रहे हो तथा मछली को हाइब्रिड कर सकते है क्या और यह जेनरीक तक जाता है या स्पेरिक तक जाता है। वैसे यह मछली जनन के लिए बेस्ट टाइम है।अभी अलग अलग उम्र के मछ्ली के बच्चे दिख रहे है। कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने मछलियों के विक्रय में बारे में पूछा तथा पार्सल के लिए की जाने वाली ऑक्सीजन पैकेजिंग के बारे में जाना।
सहायक संचालक मत्स्य टीएस चौहान ने बताया कि यहां पर फिलहाल 4 वैरायटी की मछलीयाँ रखी गई है, जिसमे कॉमन कार्प, कतला, राहु, तथा मृगलध्नरेन शामिल है। साथ ही यहाँ की सम्पूर्ण प्रोसेस के बारे में भी बताया कि इंजेक्शन गोनो प्रो में मछलियां 8 घण्टे बाद अंडा देती है। इसके बाद अंडा 18 घण्टे इंक्यूवेशन पोंड में घूमता रहता है जिससे लगभग 60-72 घण्टे में स्पॉन मिल जाता है, स्पॉन को नर्सरियों में लगभग 11-15 दिन रख कर फ्राय में बदल जाता है जिसके बाद तालाबो में डालने लायक हो जाता है। कलेक्टर ने यहाँ पौधरोपण भी किया। 
इसके पश्चात कलेक्टर ने ग्राम सुन्द्रेल में बने मछली पालन केंद्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर को यहां बताया गया कि यहां पर सिल्वर, ग्रास कार, ऑर्नामेंटल , कमन्कार तथा पंगेशियस मछलियों का पालन मिया जाता है तथा यहां पर फिश फिड का भी कार्य किया जाता है। यह के केंद्र लगभग 20 एकड़ में फैला हुआ है। केंद्र से स्पॉन का प्रॉडक्शन डेली 3 करोड़ का होता है। यहां पर पगभग 50 लोग कार्यरत है। यहां केंद्र पर 88 करोड़ स्पॉन तथा 12.25 करोड़ फ्राय मोजूद है। इनका टोटल टारगेट करीब 120 करोड़ का है। श्री सिंह ने यहां बने हुए हेचरी का भी निरीक्षण किया। 
इसके पश्चात कलेक्टर ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम अंतर्गत जनपद पंचायत धरमपुरी के ग्राम सुन्द्रेल में नव निर्मित गौशाला का निरीक्षण किया तथा यहाँ की बनावट को देखते हुए कहा कि बहुत बढ़िया बनी है एवं यहां किया हुआ कलर कॉम्बिनेशन बहुत ही बढ़िया है, जल्द ही यहां पर पशुओं को लाकर इस गोशाला को प्रारम्भ किया जाए। आलोक कुमार सिंह में यहाँ पौधरोपण भी किया।


कलेक्टर  ने ग्राम पंचायत कुंदा में स्थिति पहाड़ी पर पहुँचकर गुलहर के पौधे का रोपण किया। बताया गया कि इस पहाड़ी पर 20 हजार पौधे लगाकर बंजर पहाड़ी को हरा भरा किया गया है। जिसे अभी लगभग 1 वर्ष पूर्ण हो चुका है। गर्मी में टैंकर से पानी देकर पहाड़ी को सहेज गया है श्री सिंह ने यहां उपस्थित तालाब पर हेचरी बनाने के लिए कहा। जिससे यह लोगो को रोजगार प्राप्त हो सके।उन्होंने कहा कि कुछ कच्चे, कुछ पक्के 20-25 पोंड बनाएंगे, जिसको पानी से जोड़ा जाएगा और उसमे बढ़िया किस्मो की मछलियां रखी जाए।