मंत्रीमंडल नहीं है तो क्या हुआ ! अफसर तो हैं अब यही रोकेंगे कोरोना संक्रमण को
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भोपाल से गौतम कुमार कि रिपोर्ट
प्रदेश में तेज़ी से फ़ैल रहे कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए अब लगता है शिवराज सिंह चौहान के पास कोई ख़ास प्लानिंग है नहीं। इसलिए उन्होंने इसकी ज़िम्मेदारी अफसरों को सौंप दी है। इस भयंकर महामारी से बचने के लिए सीएम चौहान ने 52 जिलों में 11 अफसरों कि नियुक्ति कि है। उन्हें पूरा भरोसा है कि ऐसा करने से वे कोरोना संक्रमण को रोक पायेंगे। सीनियर आईएएस अफसर (IAS Officer) अब जिलों में कलेक्टर और प्रशासनिक अफसरों से बात कर हर दिन की रिपोर्ट लेने का काम करेंगे और हर दिन की समीक्षा रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेंगे। जिलों से आने वाली डिमांड और उसकी आपूर्ति की जिम्मेदारी भी प्रशासनिक अफसरों के ऊपर होगी। सरकार ने भोपाल इंदौर और उज्जैन जिले की समीक्षा की कमान मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को सौंपी है।
कौन से अफसर को कौन से जिले की जिम्मेदारी-
- मनु श्रीवास्तव शोपुर मुरैना भिंड दतिया, ग्वालियर
- नीरज मंडलोई बैतूल होशंगाबाद हरदा और सीहोर
- रश्मि अरुण शमी रतलाम शाजापुर आगर मंदसौर और नीमच
- दीपाली रस्तोगी धार अलीराजपुर झाबुआ खरगोन बड़वानी और बुरहानपुर
- नीतेश व्यास सागर दमोह पन्ना छतरपुर टीकमगढ़ निवाड़ी
- डीपी आहूजा जबलपुर कटनी नरसिंहपुर खंडवा और छिंदवाड़ा
- मुकेश गुप्ता सिवनी मंडला डिंडोरी और बालाघाट
- पवन शर्मा देवास रीवा सिंगरौली सीधी और सतना
- कविंद्र कियावत गुना अशोकनगर उमरिया शहडोल अनूपपुर
- बी चंद्रशेखर रायसेन राजगढ़ विदिशा और शिवपुरी देखेंगे
- इंदौर भोपाल और उज्जैन मुख्य सचिव इकबाल सिंह बेस की निगरानी में रहेंगे
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