कर्मचारियों और पेंशनरों की महंगाई भत्ता बढ़ाने की तैयारी, सीएम ऑफिस भेजा जाएगा प्रस्ताव

- मध्यप्रदेश में उपचुनाव को लेकर शिवराज सरकार हो रही एक्टिव
- कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत बढ़ा सकती है प्रदेश सरकार
- वित्त विभाग ने शिवराज से महंगाई भत्ता बढ़ाई मांग
भोपाल/प्रियंक केशरवानी:- मध्यप्रदेश में उपचुनाव की जल्द घोषणा की संभावना को देखते हुए सियासी हलचलें तेज होगी है. शिवराज सरकार भी कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता व राहत बढ़ा सकती है. इसी के तहत वित्त विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है और अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री के हांथों में होगा। अभी प्रदेश के कर्मचारियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों का डीए बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर चुकी है. मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि सरकार 7 लाख कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और पेंशनरों को राहत भत्ता देने का आदेश जल्दी करेगी. सरकार कर्मचारियों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता देकर कुछ राहत देगी, क्योंकि केंद्र सरकार के महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने के बाद कुछ राज्यों ने भी कर्मचारियों के लिए इसमें वृद्धि कर दी है।
उपचुनाव को लेकर शिवराज सरकार कर्मचारियों को दे सकती है बड़ी राहत
अब प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर भी इसे लेकर मांग कर रहे हैं. बता दें कि महंगाई भत्ते में वृद्धि पर सरकार के ऊपर लगभग 350 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा, हालांकि इस बीच कर्मचारियों को वार्षिक वेतनवृद्धि का लाभ दिया जा चुका है. माना जा रहा है कि खंडवा लोकसभा, पृथ्वीपुर, रैगांव और जोबट विधानसभा के उपचुनाव की जल्द घोषणा हो सकती है. त्योहार भी शुरू हो रहे हैं इसे देखते हुए सरकार महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने का निर्णय कर सकती है. आर्थिक गतिविधियां भी अब प्रदेश में बढ़ गई हैं. राजस्व संग्रहण की स्थिति में भी तेजी से सुधार हो रहा है।

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